Latest Update

AI के दम पर स्मार्ट गवर्नेंस की ओर बढ़ा उत्तराखंड, सितंबर में होगा पहला ‘देवभूमि AI समिट’: मंत्री प्रदीप बत्रा

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं अपुणी सरकार जैसे प्लेटफॉर्म पर प्राप्त शिकायतों का स्वतः वर्गीकरण, संबंधित विभागों तक त्वरित प्रेषण तथा बार-बार आने वाली समस्याओं की पहचान AI के माध्यम से संभव होगी। इससे सरकार केवल शिकायतों का समाधान करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि समस्याओं को पहले से पहचानकर उनका समाधान करने की दिशा में कार्य करेगी।

श्री बत्रा ने विश्वास व्यक्त किया कि यदि उत्तराखंड का AI मॉडल सफल रहता है तो यह हिमालयी एवं पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील अन्य राज्यों और क्षेत्रों के लिए भी एक आदर्श सुशासन मॉडल बन सकता है।

उन्होंने कहा कि भारत की AI रणनीति केवल महानगरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि पर्वतीय क्षेत्रों और दूरस्थ ग्रामीण इलाकों तक भी पहुंचनी चाहिए, जहां यह तकनीक विकास और जनकल्याण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

उत्तराखंड की यह पहल भारत सरकार की उस व्यापक नीति के अनुरूप है, जिसके अंतर्गत कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही राज्यों को अपनी स्थानीय आवश्यकताओं एवं भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप AI आधारित समाधान विकसित करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

Samarth Bharat News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Samarth Bharat News