
रुड़की। संस्कार भारती साहित्य विभाग की अखिल भारतीय बैठक रुड़की में आनंद स्वरूप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर के प्रांगण में पूर्णता के साथ संपन्न हुई। अखिल भारतीय संगठन मंत्री श्री मान अभिजीत गोखले और साहित्य विभाग के अ भा संयोजक सुरेश बबलानी के निर्देशन और मार्गदर्शन में 21 प्रांतों के साहित्य संयोजकों ने प्रतिभाग किया। प्रांतों में साहित्य विभाग के संगठनात्मक स्वरूप पर विस्तार से चर्चा हुई। साहित्य का कार्यक्षेत्र और उसके विस्तार की नश्चित पर भी मंथन हुआ। साहित्य की अनेक विधाओं के स्वरूप की विस्तृत विवेचना इस बैठक में रखी गई। संस्कार भारती के अखिल भारतीय संगठन मंत्री अभिजीत गोखले ने बताया कि साहित्य समाज का दर्पण होता है। साहित्य ही समाज को दिशा देता है। भारत का सारा दर्शन कविता के रूप में साहित्यबद्ध है। रामायण और महाभारत जैसे कालजयी ग्रन्थ आज भी भारत के जनमानस को प्रेरणा देते हैं। उत्तराखंड प्रांत के साहित्य संयोजक डॉ राजकुमार राज उपाध्याय ने बताया कि 23 प्रदेशों आये साहित्य प्रतिनिधियों ने इस राष्ट्रीय बैठक में भाग लिया। दिल्ली , हरियाणा, गुजरात,उत्तराखंड,कर्नाटक, बिहार बृज, अवध, काशी, राजस्थान,छत्तीसगढ़, झारखंड मध्यभारत, महाराष्ट्र प्रांतों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।बैठक के 2 सत्र पहले दिन और 4 सत्र दूसरे दिन हुए। इन सत्रों में साहित्य के विभिन्न आयामों पर चर्चा केंद्रित रही। क्षेत्रीय और आंचलिक लोक साहित्य के संरक्षण और संवर्धन पर भी सभी ने अपने विचार व्यक्त किए। साहित्य विभाग के अखिल भारतीय संयोजक सुरेश बबलानी ने एक विस्तृत कार्ययोजना बनाने की बात कही। बैठक का आयोजन रुड़की महानगर इकाई द्वारा किया गया। बैठक में प्रांत के कोष प्रमुख मनीष श्रीवास्तव ,प्रांत टोली के सदस्य नरेंद्र आहूजा , विभाग संयोजक पुनीत चौधरी ,वरिष्ठ कार्यकर्ता अशोक शर्मा आर्य , महानगर की अध्यक्षा डॉ भावना शर्मा जिला हरिद्वार महामंत्री समय सिंह , महानगर महामंत्री विनय सैनी , महानगर उपाध्यक्ष बीना सिंह , संस्कार भारती महानगर रुड़की के कार्यकर्ता सुशील रावत , राम शंकर ,प्रवीण रोड अनुपम गुप्ता , साक्षी त्यागी , नीलम मधोक , बीना सिंह विमलेश ,साक्षी अग्रवाल ,नीलम रहेजा ,दीपा कौशिक , ममता गुप्ता , श्रद्धा हिन्दू ,राम गुप्ता की उपस्थिति रही।






