रुड़की के नगर वासियों के लिए बड़े ही हर्ष का विषय है की रुड़की की एक गरीब परिवार की बेटी जिसके पिता रिक्शा चालक हैं उस लड़की ने भारतीय रग्बी टीम में अपना स्थान बनाया है। हर्ष का विषय यह भी है की रग्बी खेलने वाले बच्चों के पास रुड़की में ना तो कोई ग्राउंड है और ना ही सुविधाएं हैं। जो कुछ उनके पास सोलानी नदी में थोड़ी बहुत ही ग्राउंड की व्यवस्था है उस पर भी भू माफियाओ की नजरे 24 घंटे बनी रहती है ऐसी विकट परिस्थिति में भी झोपड़ी में रहने वाली सलोनी ने ऐसा कमाल करके दिखाया और अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर भारतीय रग्बी टीम में अपना स्थान बनाया। इसका श्रेय सलोनी के साथ-साथ उनके कोच आयुष्य सैनी और आकाश को भी जाता है। इतनी बड़ी उपलब्धि प्राप्त करने के पश्चात उनके कोच आयुष्य सैनी ने सलोनी को शुभकामनाएं प्रेषित की। आपको बताना चाहेंगे कि यह बेटी सलोनी जो की बहुत ही गरीब परिवार से संबंध रखती है। अंतिम समय में इसके पेपर ना पूरे होने के कारण मायूस भी हुई। लेकिन उनकी माता सुदेश कुमारी ने जी तोड़ मेहनत करके बिटिया के पेपर पूरे कराए और उसके पश्चात इसको खेलने भेजा ना जाने आर्थिक व्यवस्था कहां-कहां से पूरी हुई पर मनोबल नहीं गिरा। और उसी का परिणाम है कि यह बेटी सलोनी आज उत्तराखंड की प्रथम बेटी बनी है जिसने रग्बी टीम में अपना स्थान बनाया है।





















