
रुड़की, 22 अगस्त 2026। शहर के सुभाष नगर स्थित खाटू श्याम मंदिर, पीपल वाली गली में 18 से 25 अगस्त तक आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के पांचवें दिन शनिवार को भगवान शिव और माता पार्वती के पावन विवाह का भव्य प्रसंग सुनाया गया। शाम 3 बजे से 6 बजे तक चले कथा कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। शिव विवाह के प्रसंग के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया और श्रद्धालु भगवान शिव के जयकारों व भजनों पर झूमते नजर आए।

मुख्य यजमान सपना सैनी, हर्ष सैनी और राशि सैनी के सौजन्य से आयोजित कथा में व्यास जी पंडित जगदीश पैंनूली ने भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह की कथा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की। उनकी भक्ति और तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें पत्नी रूप में स्वीकार किया। शिव-पार्वती विवाह केवल एक दिव्य विवाह नहीं, बल्कि समर्पण, तपस्या, विश्वास और प्रेम का प्रतीक है।
शिव विवाह प्रसंग के दौरान भगवान शिव, माता पार्वती, नंदी और शिवगणों की आकर्षक झांकी भी सजाई गई। झांकी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। भगवान शिव की बारात के रूप में झांकी कथा स्थल पर पहुंची तो पूरा वातावरण हर-हर महादेव और भोलेनाथ के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर शिव-पार्वती का स्वागत किया। शिव विवाह की झांकी ने सभी का मन मोह लिया और कथा स्थल पर उत्सव जैसा माहौल बन गया।
कार्यक्रम में आचार्य मंडली आचार्य अनुज नौटियाल, आचार्य दिनेश सेमवाल, आचार्य प्रकाश नौटियाल, पंडित देवेश एवं समर ने विधि-विधान से विशेष पूजन-पाठ और अनुष्ठान कराया। वेद मंत्रोच्चार के बीच भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह की रस्में संपन्न कराई गईं। श्रद्धालुओं ने शिव-पार्वती के जयकारे लगाए और भक्ति गीतों पर आनंद लिया।
कथा के दौरान पंडित जगदीश पैंनूली ने कहा कि भगवान शिव का चरित्र हमें सरलता, त्याग, करुणा और संयम का संदेश देता है, जबकि माता पार्वती की तपस्या दृढ़ संकल्प और अटूट भक्ति का उदाहरण है। उन्होंने श्रद्धालुओं से शिव-पार्वती के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में पूर्व मेयर गौरव गोयल ने भी पहुंचकर श्री शिव महापुराण कथा का श्रवण किया। उन्होंने व्यास पीठ पर विराजमान पंडित जगदीश पैंनूली से आशीर्वाद प्राप्त किया तथा भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र एवं समाज की सुख-शांति की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने आयोजन समिति एवं श्रद्धालुओं को सफल धार्मिक आयोजन के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देते हैं। उनके आगमन पर आयोजन से जुड़े लोगों एवं श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया।
मुख्य यजमान सपना सैनी, हर्ष सैनी और राशि सैनी ने कहा कि कथा आयोजन का उद्देश्य समाज में आध्यात्मिक चेतना बढ़ाने के साथ ही नई पीढ़ी को सनातन संस्कृति और पौराणिक परंपराओं से जोड़ना है।
शिव विवाह के पावन अवसर पर अरविंद कश्यप जी द्वारा श्रद्धालुओं के लिए लड्डू के प्रसाद की विशेष व्यवस्था की गई और भक्तों को श्रद्धापूर्वक लड्डू का प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर भगवान शिव एवं माता पार्वती का आशीर्वाद प्राप्त किया।
आयोजन में प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से पहले भजन-कीर्तन किया जाता है, जिसके बाद श्री शिव महापुराण कथा का शुभारंभ होता है। कथा सप्ताह 24 अगस्त तक प्रतिदिन शाम 3 से 6 बजे तक जारी रहेगा। 25 अगस्त को कथा का समापन महायज्ञ एवं विशाल भंडारे के साथ किया जाएगा।
आयोजन को सफल बनाने में श्रीमती कमला बमोला, भावना देवी, संतोषी माता कीर्तन मंडली, खाटू श्याम कीर्तन मंडली, सुनीता चौधरी, ऋतू चौधरी, शालू शर्मा, सुनील भटनागर, डॉ. संजय, नीलम सिंह, अमर देवी रावत, कुसुम सुंदरियाल, पूनम शर्मा, अनंत शर्मा, वंदना बडोनी, ममता चौधरी, खुशी जोशी, सूरत सिंह, अरुणा त्यागी, चित्रकुमार, देवेंद्र तोमर, रश्मि तोमर, लविश, कशिश, मेघा चौधरी, कृष्णा बड़तवाल, पंकज, कान्हा, मनोज भटनागर, कुलदीप अग्रवाल, कमलेश देवी, यशोदा नौटियाल, शांति नेगी, वीरवाला सुशी जोशी एवं निर्मला जोशी सहित सभी सहयोगियों का योगदान बना हुआ है।



















