क्रांतिकारी शालू सैनी वृद्धा आश्रम के उद्घाटन पर बोली,जब अपनों ने ठुकराया तब बेटी बनकर सामने आई शालू सैनी लावारिसों की वारिस ने खोला बुजुर्गों के लिए सम्मान और अपनत्व का घर
रुड़की/मुजफ्फरनगर।जिस समाज में बुजुर्ग मां-बाप को बोझ समझकर घर से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है,उसी समाज में अगर कोई उन्हें गले लगाकर कहे आप अकेले नहीं हैं,तो वह सिर्फ समाजसेवी नहीं,ईश्वर का भेजा हुआ फरिश्ता होती है।ऐसी ही एक फरिश्ता हैं क्रांतिकारी शालू सैनी,जिन्हें आज शहर ही नहीं,बल्कि पूरा देश व प्रदेश लावारिसों […]
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