हरिद्वार। पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा लोकसभा में देश में भूजल स्तर, अति-दोहित ब्लॉकों, जल संरक्षण, डिजिटल निगरानी तथा पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न के उत्तर में केंद्र सरकार ने व्यापक और तथ्यपरक जानकारी प्रस्तुत की है। जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने लिखित उत्तर में स्पष्ट किया कि देश की समग्र भूजल स्थिति में निरंतर सुधार हुआ है। वर्ष 2017 की तुलना में 2025 तक ‘सुरक्षित’ आकलन इकाइयों का प्रतिशत 62.6% से बढ़कर 73.14% हो गया है, वहीं ‘अति-दोहित’ इकाइयों का प्रतिशत 17.2% से घटकर 10.8% रह गया है। श्री चौधरी ने यह भी बताया कि ओडिशा के नवरंगपुर लोकसभा क्षेत्र, कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले तथा जम्मू-कश्मीर की सभी आकलन इकाइयाँ सुरक्षित श्रेणी में हैं। वहीं, चिक्काबल्लापुर (कर्नाटक) के अति-दोहित होने को लेकर विशेष निगरानी एवं वैज्ञानिक हस्तक्षेप जारी है। राज भूषण चौधरी ने बताया कि अटल भूजल योजना के अंतर्गत 7 राज्यों की 8,203 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक सहभागिता आधारित जल प्रबंधन को बढ़ावा मिला। लगभग 83,000 जल संरक्षण व कृत्रिम पुनर्भरण संरचनाएँ निर्मित, 9 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में जल-कुशल सिंचाई और 229 में से 180 ब्लॉकों में भूजल स्तर में सुधार दर्ज किया गया है। इसी प्रकार जल शक्ति अभियान और जल संचय जन भागीदारी के तहत देशभर में 1.23 करोड़ से अधिक जल संरक्षण/पुनर्भरण संरचनाएँ, 40 लाख से अधिक कार्य जन आंदोलन के रूप में और मिशन अमृत सरोवर के अंतर्गत लगभग 69,000 जल निकायों का निर्माण/पुनरुद्धार किया गया है। राज भूषण चौधरी ने बताया कि सरकार ने रिमोट सेंसिंग, GIS, रीयल-टाइम टेलीमेट्री, डिजिटल वाटर लेवल रिकॉर्डर, और नैक्यूम 2.0 जैसे अत्याधुनिक कार्यक्रमों के माध्यम से भूजल मानचित्रण, निगरानी और डेटा-आधारित निर्णय प्रक्रिया को सुदृढ़ किया है। यह व्यवस्था ओडिशा, कर्नाटक (बेंगलुरु सहित) और देश के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में प्रभावी रूप से लागू की जा रही है। सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने विशेष रूप से रेखांकित किया कि सरकार तालाबों, बावड़ियों, मंदिरों एवं धार्मिक संस्थानों से जुड़े जल निकायों के पुनर्जीवन को प्राथमिकता दे रही है। जल शक्ति अभियान, अमृत सरोवर और मनरेगा के माध्यम से सामुदायिक सहभागिता के साथ इन पारंपरिक संरचनाओं को फिर से जल-समृद्ध बनाया जा रहा है। त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाया गया है। आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि देश सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। जल सुरक्षा केवल आज की आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का आधार है। यह उत्तर स्पष्ट करता है कि केंद्र सरकार वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तकनीक, जनभागीदारी और परंपरा—चारों के समन्वय से स्थायी जल प्रबंधन की दिशा में निर्णायक कदम उठा रही है। तेज़ी से सशक्त होता भारतीय विमानन क्षेत्र, सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: त्रिवेन्द्र नई दिल्ली| पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा लोकसभा में भारतीय विमानन क्षेत्र में विमानों के तेज़ी से हो रहे विस्तार, सुरक्षा मानकों, समय-पालन एवं बेड़े के सामंजस्य से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न के उत्तर में केंद्र सरकार ने विस्तृत जानकारी दी है। नागर विमानन मंत्रालय में राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने अपने लिखित उत्तर में बताया कि पिछले तीन वर्षों में भारतीय अनुसूचित एयरलाइनों के बेड़े में बड़े पैमाने पर नए वाइड-बॉडी और नैरो-बॉडी विमान शामिल किए गए हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023: 112 नए विमान, वर्ष 2024: 140 नए विमान, वर्ष 2025: 95 नए विमान और वर्ष 2026 (31 जनवरी तक): 8 नए विमान। इस प्रकार, बीते वर्षों में भारतीय विमानन क्षेत्र ने अभूतपूर्व विस्तार दर्ज किया है, जिससे घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिली है। त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि भारतीय विमानन क्षेत्र का यह विस्तार देश की बढ़ती आर्थिक शक्ति, यात्री मांग और वैश्विक विश्वास का प्रतीक है। साथ ही यह सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है कि विस्तार की इस गति के साथ सुरक्षा, समय-पालन और सेवा गुणवत्ता से कोई समझौता न हो। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि नागर विमानन महानिदेशालय द्वारा एयरलाइनों की सतत एवं बहु-स्तरीय निगरानी की जा रही है। इसमें विमानों की उपलब्धता, समय-पालन, मार्ग युक्तिकरण, प्रशिक्षण, रखरखाव और सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली की नियमित समीक्षा शामिल है। किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर डीजीसीए द्वारा सख्त प्रवर्तन कार्रवाई भी की जाती है। रावत ने यह भी रेखांकित किया कि बेड़े का सामंजस्य और सेवाओं का मानकीकरण एयरलाइनों का व्यावसायिक निर्णय है, किंतु यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोपरि बनी रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का नागरिक उड्डयन क्षेत्र नई ऊंचाइयों को छू रहा है। सरकार की प्राथमिकता है कि विस्तार के साथ-साथ सुरक्षा, विश्वसनीयता और यात्रियों का विश्वास निरंतर मजबूत हो। यह जानकारी देश के तेजी से विकसित होते विमानन परिदृश्य और मजबूत नियामक व्यवस्था को दर्शाती है, जो ‘विकसित भारत’ के संकल्प को और सुदृढ़ करती है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on LinkedIn (Opens in new window) LinkedIn Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Share on X (Opens in new window) X Related Post navigation सड़क सुरक्षा प्रशासन की ही नहीं सामूहिक जिम्मेदारी: एआरटीओ निखिल शर्मा सड़क सुरक्षा जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन *वृहद 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