
रुड़की। कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने रुड़की के एक निजी होटल में आयोजित प्रबुद्धजनों के साथ संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्री ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने शिक्षा, चिकित्सा, पर्यटन, कृषि, साहित्य, उद्योग और अध्यात्म से जुड़े विषयों पर अपने विचार एवं सुझाव साझा किए।इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष मधु सिंह,मंडल अध्य्क्ष,सौरभ गुप्ता,भाजपा युवा मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष गौरव कौशिक,चौधरी धीर सिंह,प्रवीण सिंघु,विशाल वर्मा,संजय अरोड़ा,मुख्य रूप से मौजूद रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि ज्ञान, चेतना और सांस्कृतिक विरासत की भूमि है। उन्होंने कहा कि समाज का प्रबुद्ध वर्ग राष्ट्र और समाज को दिशा देने वाली सबसे महत्वपूर्ण शक्ति है, जिसके विचार आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का निर्माण करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रबुद्धजन समाज के “ओपिनियन मेकर्स” होते हैं और उनके सुझाव राज्य के विकास की मजबूत आधारशिला बन सकते हैं।
प्रदीप बत्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र के साथ विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में देश ने सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याण के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। गरीब कल्याण अन्न योजना, जनधन योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं ने करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य किया है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश के समग्र विकास, सुशासन और सांस्कृतिक पहचान को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, खेल और हवाई कनेक्टिविटी के क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं तथा विकसित उत्तराखंड का मजबूत रोडमैप तैयार किया गया है।
मंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता लागू कर राज्य सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाया है, जिससे सामाजिक न्याय और समानता को मजबूती मिली है। साथ ही युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए देश का सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
उन्होंने प्रबुद्ध वर्ग से आह्वान किया कि वे अपने अनुभव, ज्ञान और सुझावों के माध्यम से उत्तराखंड के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि शिक्षक, चिकित्सक, उद्योगपति, समाजसेवी और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ अपने अनुभवों से समाज और राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। यह बैठक केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि विकसित उत्तराखंड के निर्माण का एक वैचारिक मंच है।
कार्यक्रम के अंत में कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने सभी प्रबुद्धजनों का आभार व्यक्त करते हुए विकसित भारत और विकसित उत्तराखंड के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।





