हरिद्वार। प्रेस क्लब हरिद्वार में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम के तहत परिवहन विभाग द्वारा संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में परिवहन विभाग के अधिकारियों ने यातायात नियमों की जानकारी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एआरटीओ प्रशासन निखिल शर्मा तथा विशिष्ट अतिथि एआरटीओ प्रवर्तन नेहा झां व अन्य अधिकारी मौजूद रहे। संगोष्ठी का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्पमाला अर्पित कर किया गया। इसके साथ ही अतिथियों का प्रेस क्लब अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी, महामंत्री दीपक मिश्रा व संगोष्ठी के संयोजक आशीष मिश्रा ने अतिथियों का पुष्प गुच्छ भेंटकर स्वागत किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एआरटीओ प्रशासन निखिल शर्मा ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि सभी वाहन चालक निर्धारित यातायात नियमों का पालन करें, वाहन की गति नियंत्रित रखें और नशे में वाहन चलाने से बचें, तो सड़क दुर्घटनाओं में काफी हद तक कमी लाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग लगातार जागरुकता अभियानों के माध्यम से लोगों को सुरक्षित यातायात के लिए प्रेरित कर रहा है। कहा कि पूरे देश में वर्षभर में पांच लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिसमें एक लाख लोगों मौत होती है। इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सभी को जागरूक होना होगा और यातायात नियमों का पालन करना होगा। सड़क दुर्घटनाएं होगी, लेकिन मृत्यु दर में कमी आएगी। एआरटीओ प्रवर्तन नेहा झा ने कहा कि सड़क सुरक्षा सभी की जिम्मेदारी है। सभी वाहनों पर आगे और पीछे दोनों और स्पष्ट एवं मानक के अनुसार नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य है। उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनकर चलने, सीट बेल्ट लगाने, मोबाइल फोन का उपयोग न करने तथा ट्रैफिक सिग्नलों का पालन करने की अपील की। उन्होंने बताया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध प्रवर्तन कार्रवाई भी की जा रही है। कार्यक्रम के दौरान यातायात नियमों को लेकर जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया गया। सभी को एआरटीओ प्रवर्तन नेहा झा शपथ दिलायी। इसके पश्चात अतिथियों को स्मृति चिह्न देकर उनका सम्मान किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे। पत्रकारों को हेलमेट भी वितरित किए गए। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on LinkedIn (Opens in new window) LinkedIn Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Share on X (Opens in new window) X Related Post navigation स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि की साधना, विचार समाज के लिए मार्गदर्शन: राजनाथ प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा उनके जीवन मूल्यों और विचारधारा को पुनः जागृत करने का प्रतीक भारत माता मंदिर को राष्ट्रीय एकता का प्रतीक:योगी आदित्यनाथ देश में भूजल संकट पर केंद्र सरकार की ठोस रणनीति, जल संरक्षण में ऐतिहासिक प्रगति: त्रिवेन्द्र