
श्री सनातन धर्म प्रकाश चंद्र कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रुड़की में आज बी.एससी. एवं एम.ए. विभाग की ओर से महर्षि वाल्मीकि जयंती के पावन अवसर पर एक भव्य एवं रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों, उनके महान व्यक्तित्व तथा भारतीय संस्कृति एवं रामायण की गौरवशाली परंपरा से परिचित कराना था।


कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आदरणीय श्री अरविंद कुमार गुप्ता जी एवं महाविद्यालय के सचिव श्री सौरभ भूषण शर्मा जी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं सचिव महोदय द्वारा फीता काटकर किया गया। इसके पश्चात महर्षि वाल्मीकि जी एवं माँ सरस्वती जी के समक्ष दीप प्रज्वलित कर एवं उनके चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता एवं कलात्मक कौशल का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। छात्राओं द्वारा भगवान श्रीरामचंद्र जी के जीवन चरित्र एवं रामायण की विभिन्न घटनाओं पर आधारित मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किए गए। इसके साथ ही महर्षि वाल्मीकि जी के संपूर्ण जीवनवृत्त को एक लघु नाटिका के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। छात्राओं ने वाल्मीकि रामायण तथा भगवान श्रीराम के आदर्शों को नाटक एवं नृत्य के माध्यम से जीवंत कर दिया। इसके अतिरिक्त संत रहीमदास जी एवं कबीरदास जी के सुंदर दोहों का भी भावपूर्ण प्रस्तुतिकरण किया गया। इन सभी प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं आकर्षक बना दिया।
महाविद्यालय के सचिव श्री सौरभ भूषण शर्मा जी ने महर्षि वाल्मीकि जयंती की शुभकामनाएँ देते हुए छात्राओं को महर्षि वाल्मीकि जी के आदर्शों एवं शिक्षाओं को अपने जीवन में आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में समय-समय पर इस प्रकार के सांस्कृतिक एवं शैक्षिक कार्यक्रमों का आयोजन होते रहना चाहिए, जिससे छात्राओं को देश के महान महापुरुषों के जीवन, उनके संघर्षों तथा उनके आदर्शों से प्रेरणा प्राप्त हो सके। उन्होंने छात्राओं को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों एवं महान व्यक्तित्वों की शिक्षाओं को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संदेश भी दिया।
अतिथि आदरणीय श्री अरविंद कुमार गुप्ता जी ने अपने संबोधन में भगवान श्रीरामचंद्र जी के जीवन चरित्र एवं उनके आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए छात्राओं को उनके जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। उन्होंने छात्राओं को सत्य, मर्यादा, कर्तव्यनिष्ठा एवं सदाचार जैसे गुणों को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय की स्ववित्त पोषित प्रभारी डॉ. मधु मेहरा जी ने सभी छात्राओं को महर्षि वाल्मीकि जयंती की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने छात्राओं द्वारा प्रस्तुत रंगारंग कार्यक्रम की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में भी इसी प्रकार उत्साह, लगन एवं रचनात्मकता के साथ विभिन्न शैक्षिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में सहभागिता करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाली सभी छात्राओं, प्राध्यापिकाओं, शिक्षकों एवं महाविद्यालय के समस्त कर्मचारियों का हृदय से आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राध्यापिकाएँ श्रीमती संदीपा, श्रीमती प्रियंका, श्रीमती राधा, सुश्री अंजलि, सुश्री शिवानी, सुश्री आँचल, सुश्री तनु, श्रीमती अमिता, श्रीमती काजल, सुश्री ज्योति सहित अन्य प्राध्यापिकाएँ उपस्थित रहीं।
समग्र रूप से यह कार्यक्रम अत्यंत प्रेरणादायक, ज्ञानवर्धक एवं सफल रहा। इस आयोजन ने छात्राओं को भारतीय संस्कृति, रामायण की महत्ता तथा महर्षि वाल्मीकि जी के महान आदर्शों को समझने और उन्हें अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा प्रदान की।



















