
राष्ट्रीय स्वयसेवक संघ द्वारा शताब्दी वर्ष में, संघ स्थापना दिवस विजय दशमी पर बस्ती /मण्डल स्तर पर पथ संचलन किये जा रहे है इसी क्रम में रु डकी नगर की शिव . विवेकानन्द विश्वकर्मा श्रीराम श्रीकृष्ण सुभाष वजरंग गंगा वस्ती तथा कुन्ना वहादुरपुर भगवानपुर मे विजय दरामी उत्सव एवंपथसंचलन किये गये, जिनमे मनोज, राजकुमार, राजवीर ,भावना द्वारा बौद्धिक दिया गया । खंजरपुर मण्डल, द्वारा टोडा खटका के माता मन्दिर मे विजय दशमी उत्सव किया गया । खण्ड संघचालक सेवा निवृत कर्नल रणजीत सिंह की अध्यक्षता मे भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का प्रारम्भ किया गया। मुख्य वक्ता सहदेव सिंह ने स्वयसेवको को सम्बोधित करते हुए कहा कि संघ प्रत्येक वर्ष 6 उत्सवो के माध्यम से समाज मे सन्देश देता है। विजय दशमी सगठन शक्ति और पौरुष का सदेश देता है श्रीराम ने समाज के वन्चित, शोषित, वनवासी, गिरिवासी समाज को सगठित एवं सस्कारित कर उनके द्वारा महाशक्तिशाली, अत्याचारी राक्षस रावण को वंश सहित नष्ट किया था। । डॉ० केशव राव बलिराम हेडग्रेवार ने 1925 मे विजदशमी के दिन नागपुर मे संघ की स्थापना की गयी। संघ का उद्देश्य हिन्दू समाज को सगठित कर भारत माता को परम वैभव पर पहुचाना है।संघ शाखा व्यक्तित्व निर्माण की कार्यशाला एवं पावर हाउस है। सर्वगुणसम्पन्न व्यक्ति से परिवार ,समाज और राष्ट अच्छा बनेगा।संघ शाखा सामाजिक परिवर्तन का आधार है।स्वयंसेवक शाखा से अपना व्यक्तित्व निर्माण कर देश, समाज ,संस्कृति का सरक्षण करते हुए भारत माता को परम वैभव पर पहुंचाने के लिए कार्य करे। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवक शिक्षा, सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, सेवा, राजनीति ,समाज के प्रत्येक क्षेत्र मे राष्ट्र सर्वोपरि रखते हुए कार्य करते हैं । संघ के अनुषागिक सगठनो को गिनाते हुए उनके द्वारा समाज के विभिन्न क्षेत्रो मे किये जा रहे विशिष्ट कार्यो का वर्णन किया गया।भारत विश्व मे अपना प्रभाव स्थापित कर रहा है। भारतीय संस्कृति ही विश्व मे शान्ति स्थापित करेगी। राष्ट्र विरोधी शक्तिया देश की एकता अखण्डता तथा सम्प्रभुता के लिए चुनौतियां पैदा कर देश को कमजोर करने की साजिस करती है। वर्तमान समय वैचारिक क्रान्ति का है स्वयसेवक भारतीय संस्कृति के संवाहक है जो हमारे आचरण मे प्रकट होनी चाहिए ‘ । अध्यक्षीय उद्बोधन मे अनुशासित जीवन एवं राष्ट्र प्रथम की भावना के लिए शाखा से जुडने के लिए कहा गया।

. पथसंचलन में तीन सौ गणवेश धारी स्वयंसेवकों ने टोडा खटका की गलियो से गुजरते हुए अनुशासन का प्रदर्शन किया । कार्यक्रम मे विशाल, अक्षत,अभि षेक, डां जगदीश, विजय ,यौगेन्द्र भोला, विनय, सहित तीन सौ गणवेश धारी स्वयंसेवकों ने प्रतिभाग किया। गांव वासियो के फूलो की वर्षा की एवं स्वयसेवको के अनुशासन की प्रशंसा की गयी
सहदेव सिंह पुण्डीर
जिला प्रचार प्रमुख



















