
हरिद्वार। हरिद्वार स्थित अवधूत मंडल आश्रम में दिव्य गंगा सेवा मिशन, हरिद्वार के तत्वावधान में आयोजित दिव्य गंगा महोत्सव एवं साहित्यिक कुंभ के उद्घाटन समारोह में विभिन्न क्षेत्रों से आए गणमान्य व्यक्तियों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में प्रतिभाग करने का अवसर प्राप्त होने पर उपस्थित अतिथियों ने इसे सौभाग्यपूर्ण क्षण बताया।

इस अवसर पर मां गंगा की निर्मलता, स्वच्छता एवं संरक्षण को लेकर सार्थक विचार-विमर्श किया गया। वक्ताओं ने कहा कि गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और सभ्यता की जीवनधारा है। इसलिए गंगा को स्वच्छ एवं निर्मल बनाए रखने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए आगे आना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान भारतीय संस्कृति, साहित्य और आध्यात्मिक परंपराओं को और अधिक सशक्त बनाने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। साहित्यिक एवं आध्यात्मिक जगत से जुड़े लोगों ने भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और इसके संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।
दिव्य गंगा महोत्सव एवं साहित्यिक कुंभ के माध्यम से गंगा संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ भारतीय साहित्य, संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया गया।



















