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मुख्यमंत्री की युवा रोजगार घोषणा को धरातल पर उतारने के लिए व्यापारी प्रकोष्ठ ने उठाई प्रभावी पहल मुख्यमंत्री से भेंट कर युवा रोजगार, उद्यमिता एवं व्यापारी हित की 11 सूत्रीय मांगें रखीं

देहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर युवाओं के लिए की गई “मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रोत्साहन योजना” की घोषणा को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू कराने तथा प्रदेश के व्यापारियों एवं उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से भारतीय जनता पार्टी, उत्तराखंड के व्यावसायिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक सौरभ भूषण शर्मा ने मुख्यमंत्री जी से उनके निवास पर भेंट की।

इस अवसर पर सौरभ भूषण शर्मा ने मुख्यमंत्री जी को बताया कि प्रदेश का व्यापारी वर्ग उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। छोटे एवं मध्यम व्यापारी, युवा उद्यमी तथा स्वरोजगार से जुड़े लोग प्रदेश में रोजगार सृजन के साथ-साथ सरकार के आत्मनिर्भर एवं समृद्ध उत्तराखंड के संकल्प को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

मुख्यमंत्री जी द्वारा 15 अगस्त को युवाओं के लिए की गई रोजगार एवं उद्यमिता संबंधी घोषणा का स्वागत करते हुए श्री शर्मा ने कहा कि यदि युवाओं को प्रशिक्षण, उद्यम स्थापित करने के अवसर और समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है तो बड़ी संख्या में युवा रोजगार मांगने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले उद्यमी बन सकते हैं। इसी उद्देश्य से उन्होंने मुख्यमंत्री जी के समक्ष योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में आवश्यक सुझाव भी रखे।

व्यापारी हित में रखी गई 11 सूत्रीय प्रमुख मांगें

व्यावसायिक प्रकोष्ठ की ओर से मुख्यमंत्री जी के समक्ष व्यापारियों की समस्याओं एवं अपेक्षाओं को लेकर 11 सूत्रीय मांग-पत्र भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें प्रमुख रूप से—

1.व्यापार सुगमता एवं सिंगल विंडो सिस्टम के लाइसेंस, पंजीकरण, नवीनीकरण एवं NOC की प्रक्रियाओं को पूरी तरह ऑनलाइन एवं समयबद्ध कर सिंगल विंडो सिस्टम को प्रभावी बनाया जाए।

2.GST एवं कर संबंधी प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया जाए तथा GST रिटर्न, रिफंड एवं निरीक्षण की प्रक्रिया को सरल बनाकर छोटे एवं मध्यम व्यापारियों को राहत दी जाए।

3.व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए विद्युत दरों में राहत एवं स्थिरता सुनिश्चित की जाए तथा जनरेटर एवं एक्स्ट्रा पावर संबंधी शुल्क में उचित राहत प्रदान की जाए।

4.युवाओं, स्टार्टअप एवं उद्यमियों के लिए आसान शर्तों एवं कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने हेतु विशेष ऋण योजनाएं संचालित की जाएं।

5.स्थानीय व्यापार, स्थानीय उत्पाद, ODOP, हस्तशिल्प, कृषि आधारित व्यवसाय तथा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को विशेष प्रोत्साहन एवं सहयोग दिया जाए।

6.अतिक्रमण एवं शुल्क व्यवस्था में संतुलित एवं पारदर्शी नीति बनाई जाए तथा अनावश्यक निरीक्षण, बार-बार चालान एवं विभिन्न शुल्कों से व्यापारियों को राहत प्रदान की जाए।

7.व्यापारिक क्षेत्रों में पर्याप्त पार्किंग, सड़क, स्ट्रीट लाइट, स्वच्छता, पेयजल तथा बेहतर कानून-व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।

8.प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय “व्यापार मंच” का गठन कर नियमित रूप से व्यापारियों की समस्याओं एवं सुझावों पर संवाद किया जाए।

9.व्यापारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए मंडी शुल्क को 0.30 प्रतिशत की तर्ज पर लागू करने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जाए।

10आपदा से प्रभावित व्यापारियों को राहत का पात्र मानते हुए उन्हें उचित आर्थिक एवं प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।

11पर्वतीय क्षेत्रों में विकास प्राधिकरण की व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर स्थानीय व्यापार, भवन निर्माण एवं विकास गतिविधियों को सरल बनाया जाए।

सौरभ भूषण शर्मा ने कहा कि इन मांगों का उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव नहीं, बल्कि व्यापारी वर्ग और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। व्यापारियों को यदि सुविधाजनक वातावरण, सरल नियम और आवश्यक आधारभूत सुविधाएं मिलती हैं तो प्रदेश में निवेश बढ़ेगा, रोजगार के अवसर सृजित होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने व्यापारियों एवं युवाओं से जुड़े इन विषयों को गंभीरता एवं सकारात्मकता से सुना तथा मांगों पर आवश्यक कार्रवाई और समाधान का सकारात्मक आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश के युवाओं एवं व्यापारी वर्ग के हित में सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए संबंधित विषयों पर उचित कार्यवाही का भरोसा दिलाया।

श्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री की युवा रोजगार एवं उद्यमिता संबंधी घोषणा और व्यापारी हित की मांगों को धरातल पर लागू कराने के लिए व्यावसायिक प्रकोष्ठ सरकार एवं व्यापारी समाज के बीच प्रभावी सेतु के रूप में निरंतर कार्य करेगा। उनका उद्देश्य है कि उत्तराखंड का युवा आत्मनिर्भर बने, स्थानीय व्यापार मजबूत हो, नए उद्यम स्थापित हों और प्रदेश में अधिक से अधिक रोजगार के अवसर पैदा हों।

उन्होंने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का व्यापारी एवं युवा वर्ग की समस्याओं को गंभीरता से सुनने तथा सकारात्मक आश्वासन देने के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि व्यापारी, उद्यमी एवं युवा वर्ग मिलकर विकसित, आत्मनिर्भर एवं समृद्ध उत्तराखंड के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

लच्छू गुप्ता, प्रदेश सह-संयोजक, व्यावसायिक प्रकोष्ठ ने कहा कि मुख्यमंत्री जी द्वारा युवाओं के रोजगार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए की गई घोषणा स्वागत योग्य है। व्यापारी वर्ग की 11 सूत्रीय मांगों पर मुख्यमंत्री जी का सकारात्मक रुख प्रदेश के व्यापारियों के लिए आशाजनक है।

श्री प्रशांत वर्मा, प्रदेश सह-संयोजक, व्यावसायिक प्रकोष्ठ ने कहा कि युवा रोजगार और व्यापारी हित से जुड़े विषयों पर सरकार का सकारात्मक दृष्टिकोण प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगा। हमें विश्वास है कि प्रस्तुत मांगों पर शीघ्र प्रभावी कार्रवाई होगी।

सौरभ भूषण शर्मा

प्रदेश संयोजक, व्यावसायिक प्रकोष्ठ

भारतीय जनता पार्टी, उत्तराखंड

Samarth Bharat News

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