
प्रदेश अध्यक्ष मानवाधिकार ब्यूरो उत्तराखंड अधिवक्ता नवीन कुमार जैन के तत्वावधान में तहसील कैम्प कार्यलय पर श्रद्येय बाल गंगाधर तिलक की 106 वी पुण्यतिथि पर उनके चित्र पर पुष्माला व पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धाजंलि दी गई श्रद्धाजंलि सभा में अधिवक्ता नवीन कुमार जैन ने महापुरुष बाल गंगाधर तिलक के सात्विक व राजनीतिक जीवन चरित्र पर विचार रखते हुए कहा कि श्रद्येय बाल गंगाधर तिलक देश की स्वतंत्रता सेनानी के साथ राष्ट्रवादी राष्ट्र समर्पित एक अधिवक्ता सच्चे देशभक्त थे उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत से भारत माता को स्वतंत्र कराने के लिए अंग्रजी सरकार के विरुद्ध मुख्य भूमिका निभाई थी हरपाल सिंह आर्य ने विचार रख कहा कि जननायक के रूप में अंग्रेजी हुक्मरानों ने बाल गंगाधर तिलक को भारतीय अशान्ति के दूत की उपाधि दी थी एवं जननायक की पदवी भारतीय जनता ने लोकमान्य का नाम दिया था लोकमान्य सबसे पहले व मजबूत अधिवक्ता थे उन्होंने भारतीय अन्तःकरण में बदलाव कर नारा दिया था स्वराज मेरा जन्म सिद्ध अधिकार है और जिसे मै लेकर रहूंगा हमसब को राष्ट्र संकल्प लें हमेशा देश की आज़ादी के क्रांतिकारियों व महापुरुषों को स्मरण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करते रहना चाहिए ताकि हमारा भारतीय गणराज हमेशा स्वतंत्र रहे 1 अगस्त 1920 को श्रद्येय बाल गंगाधर तिलक की मृत्यु हुई थी इस अवसर पर आर्य समाज जिलाध्यक्ष हरपाल सिंह सैनी,अधिवक्ता अभिनव गोयल,सचिन गोंड़वाल, ब्रजेश सैनी, पंकज जैन,नीरज कपिल,सुमित,सुधीर चौधरी, अनुज आत्रेय,राजेश वर्मा,ऋषिपाल बर्मन,ठाकुर कन्हैया आदि मौजूद रहे।






