
रुड़की। उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला के पावन अवसर पर चल रहे ‘सेवा सप्ताह’ के अंतर्गत महापुरुषों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए व्यापक वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत महाराजा शूरसैनी जी, महात्मा ज्योतिबा फुले जी एवं माता सावित्रीबाई फुले जी की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करने से हुई।

इसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं एवं क्षेत्रवासियों के साथ मिलकर वृक्षारोपण किया गया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण, हरित भविष्य और प्रकृति के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि हरेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य का संकल्प है।
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रवासियों के साथ आत्मीय संवाद भी किया गया। लोगों ने अपनी समस्याओं और सुझाव साझा किए, जिन्हें गंभीरता से सुना गया तथा उनके समाधान के लिए आवश्यक प्रयास करने का आश्वासन दिया गया।
आयोजकों ने सभी नागरिकों से हरेला पर्व के अवसर पर अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण में प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एक पौधा लगाना केवल पर्यावरण की सेवा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित भविष्य की नींव रखना है।





