
रुड़की। जिला कांग्रेस कमेटी रुड़की महानगर के तत्वावधान में राहुल गांधी के आह्वान पर “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को पूरी तरह गैर-राजनीतिक स्वरूप में आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों के भविष्य, शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र चौधरी एडवोकेट ने कहा कि “छात्र और युवा किसी भी देश की सबसे बड़ी पूंजी और भविष्य होते हैं। उन्हें मजबूत, सक्षम और आत्मनिर्भर बनाना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन दुर्भाग्य से आज देश की शिक्षा और भर्ती व्यवस्था लगातार सवालों के घेरे में है।” उन्होंने कहा कि नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा की जिम्मेदारी एक गैर-सरकारी संस्था (एनटीए) को सौंपना गंभीर चिंता का विषय है। जिन संस्थाओं पर योग्य छात्रों का चयन करने की जिम्मेदारी थी, वहीं पेपर लीक जैसी घटनाओं से लाखों युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ हुआ। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अपनी समस्याओं और अधिकारों की आवाज लोकतांत्रिक तरीके से समाज और सरकार तक मजबूती से पहुंचाएं।


शिक्षाविद एवं इंजीनियर वैभव सैनी ने कहा कि “भारत की शिक्षा और चयन प्रणाली का इतिहास काफी पुराना है। वर्षों तक प्रतियोगी परीक्षाएं निष्पक्ष तरीके से आयोजित होती रहीं, लेकिन हाल के वर्षों में लगातार पेपर लीक और अनियमितताओं ने युवाओं का विश्वास कमजोर किया है। अब समय आ गया है कि परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीकी रूप से अधिक मजबूत बनाया जाए, ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रह सके।”

पूर्व मेयर प्रत्याशी पूजा गुप्ता ने कहा कि “देश के युवाओं और छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, समान अवसर और सुरक्षित भविष्य मिलना चाहिए। शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत नींव है। सरकार को छात्रों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करना चाहिए।”

एनएसयूआई जिला अध्यक्ष आशीष चौधरी ने कहा कि “आज का छात्र केवल डिग्री नहीं, बल्कि अपने भविष्य की सुरक्षा चाहता है। बार-बार होने वाले पेपर लीक और भर्ती घोटालों से युवाओं का मनोबल टूट रहा है। छात्र अब अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हैं और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता तथा जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।”
यूथ कांग्रेस जिला अध्यक्ष ओवैस अंसारी ने कहा कि “देश का युवा मेहनत और प्रतिभा के दम पर आगे बढ़ना चाहता है, लेकिन जब परीक्षाओं में गड़बड़ियां होती हैं तो सबसे बड़ा नुकसान ईमानदार छात्रों को होता है। सरकार को ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए, जहां हर छात्र को उसकी मेहनत का न्यायपूर्ण परिणाम मिले।”
प्रणय प्रताप ने कहा कि “छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय उसे सुना जाना चाहिए। युवाओं के सुझावों और समस्याओं को नीति निर्माण का हिस्सा बनाया जाए, तभी शिक्षा व्यवस्था पर विश्वास कायम रहेगा और देश का भविष्य मजबूत होगा।”
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने छात्रों से जागरूक रहने, अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का आह्वान किया।
इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी रुड़की के वरिष्ठ नेता डॉ हरविंदर सिंह अजय चौधरी संजय गुड्डू पूर्व पार्षद मदन पाल सिंह भडाना मोहित त्यागी उम्मेद गाजी हिमांशु चौधरी लवी त्यागी,ब्लॉक अध्यक्ष नीरज सैनी रिजवान अहमद, सलमान खान, इरशाद मीर, नूर आलम, नूर मलिक, सुशील कश्यप समीर खान आदि मौजूद रहे





