
रुड़की। सामाजिक सरोकार और सेवा भावना की मिसाल पेश करते हुए दिव्या चौधरी का जन्मदिन कुष्ठ रोग आश्रम में जरूरतमंदों के बीच सेवा कार्य कर मनाया गया। इस अवसर पर भोजन का वितरण किया गया। बताया गया कि भोजन शुद्ध देशी घी में तैयार किया गया था।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि जन्मदिन जैसे अवसरों को केवल उत्सव के रूप में मनाने के बजाय जरूरतमंद लोगों की सेवा और उनके बीच खुशियां बांटकर मनाना समाज के लिए प्रेरणादायक है। परिवार की ओर से कहा गया कि बच्चों के जन्मदिन पर सेवा कार्य करना उनकी परंपरा रही है और सेवा को ही अपना धर्म मानते हैं। जरूरतमंदों के बीच भोजन, वस्त्र और अन्य आवश्यक सामग्री का वितरण समय-समय पर किया जाता है।
कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं ने कहा कि सेवा कार्य करने से मन को शांति और आत्मिक संतोष मिलता है। उन्होंने कहा कि समाज में ऐसे कार्य भी किए जाने चाहिए जिनका उद्देश्य किसी प्रकार का दिखावा या स्वार्थ न होकर केवल मानव सेवा हो।
वक्ताओं ने दिव्या चौधरी और उनके पूरे परिवार को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए परिवार की सुख-समृद्धि और निरंतर प्रगति की कामना की। उन्होंने कहा कि बच्चों के संस्कारों में माता-पिता के संस्कार और संघर्ष की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। परिवार द्वारा लंबे समय से किए जा रहे सामाजिक कार्यों की भी सराहना की गई।
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि समाज और राष्ट्र के हित में कार्य करने वाले लोगों का उत्साह बढ़ाना सभी की जिम्मेदारी है। मीडिया से जुड़े लोगों से भी अपील की गई कि वे पत्रकारिता के माध्यम से समाज और राष्ट्र के हित में सकारात्मक भूमिका निभाते रहें।
कार्यक्रम में सुभाष सैनी सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता, गणमान्य लोग और मीडिया से जुड़े साथी मौजूद रहे। वक्ताओं ने सेवा कार्यों को आगे भी निरंतर जारी रखने का संकल्प दोहराया और कहा कि सेवा में ही सच्चा सुख और संतोष है।



















