
हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई सभी धर्मों के धर्मानुसार 6000 से ज़्यादा लावारिस व बेसहारा शवों की सम्मानजनक अंतिम बिदाई की सेवा कर चुकी लावारिसों की वारिस के नाम से प्रसिद्ध क्रांतिकारी शालू सैनी ने आज अपना जन्मदिन बड़े ही सादगीपूर्ण तरीके से अपने वृद्धा आश्रम में मनाया।

शालू सैनी पिछले कई वर्षों से बेसहारा बुजुर्गो की सेवा लगातार प्रयासरत है हाल ही में उन्होंने “क्रांतिकारी शालू सैनी वृद्धा आश्रम – बेसहारा माताओं का अपना घर” की भी शुरुवात की थी जहाँ बेसहारा, लावारिस व वृद्ध माताओं की निःशुल्क सेवा की जाती है।जिनके रहने खाने पीने दवाई कपड़े की जिम्मेदारी वो खुशी से उठाती है आश्रम दक्षिणी कृष्णापुरी गोगा माड़ी के सामने मुजफ्फरनगर में है जिन्हें बड़ो के आशीर्वाद की जरूरत है जिन्हें मां में भगवान दिखता है वो आश्रम में माताओं के आशीर्वाद के लिए जरूर आए
आज अपने जन्मदिन के अवसर पर उन्होंने कोई निजी समारोह नहीं किया, बल्कि क्रांतिकारी शालू सैनी वृद्धा आश्रम की सभी माताओं के साथ बैठकर भोजन किया, केक काटा और उनका आशीर्वाद लिया। आश्रम की माताओं ने उन्हें तिलक लगाकर लंबी उम्र की कामना की।
इस मौके पर शालू सैनी ने कहा, “मेरा जन्मदिन तभी सार्थक है जब मेरी इन माताओं के चेहरे पर मुस्कान हो। मेरे बच्चों के साथ साथ ये माताएं भी मेरा परिवार हैं। जब तक साँस है, तब तक लावारिस शवों की अंतिम विदाई और बेसहारा माताओं की सेवा जारी रहेगी।”
उन्होंने बताया कि अब तक वह 6000 से अधिक लावारिस व बेसहारा शवों का सम्मानजनक अंतिम संस्कार व अस्थि विसर्जन हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई सभी धर्मों के धर्मानुसार कर चुकी हैं और यह सेवा लगातार जारी है।
किसी भी बेसहारा माता की सेवा के लिए लावारिस व बेसहारा शवों के सम्मानजनक अंतिम संस्कार के लिए
संपर्क: क्रांतिकारी शालू सैनी वर्ल्ड गिनीज रिकॉड होल्डर राष्ट्रीय अध्यक्ष साक्षी वेलफेयर ट्रस्ट 8273189764



















