उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान, धार्मिक स्वतंत्रता और सामाजिक समरसता की रक्षा के लिए कानून का निष्पक्ष पालन आवश्यक : सौरभ भूषण शर्मा

रुड़की। विश्व हिंदू महासंघ उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भूषण शर्मा ने उत्तराखंड में धर्मांतरण, कथित लव जिहाद तथा लैंड जिहाद जैसे विषयों को लेकर सामने आ रही चर्चाओं पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड की विशिष्ट सांस्कृतिक एवं धार्मिक पहचान को सुरक्षित रखना प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को अपनी इच्छा और स्वतंत्रता से जीवन जीने, अपनी आस्था मानने तथा कानून के दायरे में विवाह करने का अधिकार है। लेकिन छल, दबाव, प्रलोभन, पहचान छिपाकर संबंध स्थापित करना, जबरन धर्म परिवर्तन अथवा सरकारी एवं निजी भूमि पर अवैध कब्जे जैसी किसी भी गतिविधि को कानून के अनुसार गंभीरता से देखा जाना चाहिए।

श्री शर्मा ने कहा कि धर्मांतरण के मामलों में प्रशासन को पूरी संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ जांच करनी चाहिए तथा यदि कहीं भी जबरन, प्रलोभन या धोखे से धर्म परिवर्तन का मामला सामने आता है तो राज्य के कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही किसी निर्दोष व्यक्ति को केवल संदेह या अफवाह के आधार पर परेशान नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने लैंड जिहाद के संदर्भ में कहा कि सरकारी, वन एवं अन्य सार्वजनिक भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए, चाहे वह किसी भी व्यक्ति, संस्था या समुदाय द्वारा किया गया हो। सरकारी भूमि की सुरक्षा और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कानून एवं निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप पारदर्शी ढंग से होनी चाहिए।

विश्व हिंदू महासंघ प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उत्तराखंड केवल एक भौगोलिक प्रदेश नहीं, बल्कि देवभूमि, सनातन परंपराओं, तीर्थों, मंदिरों और अपनी विशिष्ट लोक-संस्कृति की पहचान रखने वाली भूमि है। इस पहचान को बनाए रखने के लिए सरकार के साथ-साथ समाज को भी जागरूक और जिम्मेदार भूमिका निभानी होगी।

उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य किसी धर्म या समाज के विरुद्ध वातावरण बनाना नहीं, बल्कि कानून का सम्मान, सामाजिक सद्भाव, सांस्कृतिक संरक्षण और देवभूमि की मूल पहचान की रक्षा करना है। सभी धर्मों और समुदायों के शांतिप्रिय नागरिक मिलकर उत्तराखंड की शांति एवं भाईचारे को मजबूत करें।

श्री शर्मा ने प्रशासन से भी आग्रह किया कि धर्मांतरण, अवैध कब्जे अथवा धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच और समयबद्ध कार्रवाई की जाए, ताकि न तो कानून तोड़ने वालों को संरक्षण मिले और न ही किसी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय हो।

उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता की रक्षा के लिए विश्व हिंदू महासंघ शांतिपूर्ण, संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से जन-जागरूकता का कार्य निरंतर करता रहेगा।

सौरभ भूषण शर्मा

प्रदेश अध्यक्ष

विश्व हिंदू महासंघ, उत्तराखंड

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