
रूड़की।श्री सोना देवी शिव मंदिर,पुरानी तहसील में भगवान नरसिंह जयंती धूमधाम से बनाई गई।आचार्य रमेश सेमवाल जी महाराज ने बताया कि भगवान नरसिंह जी का अवतार वैशाख शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि को हुआ था,जो आज का दिन था।सर्वप्रथम भगवान नरसिंह जी का अभिषेक किया गया।दूध,दही,शहद और गंगाजल से भगवान नरसिंह जी का श्रृंगार किया गया।धर्मगुरु आचार्य रमेश सेमवाल महाराज ने कहा कि भगवान नरसिंह का अवतार भक्त प्रहलाद की रक्षा के लिए हुआ

था।प्रहलाद जी के पिता हिर्नाकश्पयू अपने को भगवान मानता था और भगवान नारायण से शत्रुता रखता था।उसने प्रहलाद जी को बड़े कष्ट दिए उन्हें जालने का प्रयास किया।प्रहलाद जी ने कहा कि मैं भगवान नारायण का मंत्र का जाप करूंगा।भगवान नारायण ही सबके देवता हैं।उन्ही की आराधना व साधना करनी चाहिए।भक्त प्रहलाद जी ने नारायण मंत्र का जाप करते हुए भगवान की साधना उपासना आरंभ की।हिर्नाकश्यप उन्हें कठोर दंड देने का प्रयास किया,किंतु खंबे से भगवान नरसिंह प्रकट हुए और हिना कश्यप का वध किया।भगवान जग के कोने-कोने में विद्यमान है।खंभे में भी हैं।भक्त प्रहलाद की रक्षा के लिए भगवान खंबे से प्रकट हुए।उन्होंने कहा कि हमें भगवान पर विश्वास करना चाहिए तभी भगवान की कृपा प्राप्त होती है।आज के युवाओं को भी भगवान की आराधना करनी चाहिए और भक्त प्रहलाद से सीखना चाहिए कि परमात्मा की कृपा से सब की मनोकामनाएं पूर्ण होती है।इस अवसर पर पूर्व मेयर गौरव गोयल,अनिल महेश्वरी,सोनू वर्मा,सुलक्षणा सेमवाल,राधा भटनागर,निशा धीमान,इमरान देशभक्त,संदीप शास्त्री,प्रवीन शास्त्री,अजय भारद्वाज,नरेंद्र भारद्वाज,राजेंद्र खारवाल आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।






