
देहरादून।उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 से पहले महिला आरक्षण का मुद्दा गरमाने लगा है। महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने गुरुवार को विधानसभा के बाहर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में हुए धरने में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, विधायकगण, वरिष्ठ नेता, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी नेता रिस्पना पुल के समीप विधानसभा के सामने धरने पर बैठे और महिला आरक्षण लागू करने की मांग उठाई।धरने को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि संसद द्वारा 2023 में पारित महिला आरक्षण विधेयक को तत्काल लागू किया जाए और 2027 से विधानसभा की वर्तमान सीटों के आधार पर महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए।पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी में बराबरी का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़कर जानबूझकर उलझाने का काम किया है।
प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि महिला आरक्षण पर भाजपा के झूठ और घड़ियाली आंसुओं को बेनकाब करना कांग्रेस का राजनीतिक और नैतिक कर्तव्य है। कांग्रेस पहले भी महिला आरक्षण के पक्ष में थी, आज भी है और आगे भी रहेगी।कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राजीव गांधी ने पंचायतों में महिलाओं को आरक्षण देकर सशक्तिकरण की नींव रखी थी और अब विधानसभाओं व संसद में भी महिलाओं को उनका हक मिलना चाहिए।धरने के दौरान कांग्रेस ने केंद्र सरकार से मांग की कि परिसीमन की गुत्थियां सुलझाकर जल्द महिला आरक्षण लागू किया जाए, ताकि देश और उत्तराखंड की महिलाएं निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी निभा सकें।







