
क्रांतिकारी शालू सैनी बनी इंसानियत की मिसाल सभी धर्मो के करते है अंतिम संस्कार आज फिर दो अंतिम संस्कार एक साथ किए एक मुस्लिम धर्म अनुसार एक हिंदू धर्म अनुसार एक को कब्रिस्तान ले गई तो एक को शमशान घाट महिलाए शमशान घाट नही जाति इस मिथक को तोड़ पूरे देश के लिए मिशाल बन चुकी क्रांतिकारी शालू सैनी ने आज फिर से दो लावारिस शवो को अपना नाम देकर किया अंतिम संस्कार हर रोज बनती हैं किसी न किसी लावारिस की वारिस क्रांतिकारी शालू सैनी*

मुजफ्फरनगर*। नगर में समाज सेवा की अनोखा रूप क्रांतिकारी शालू सैनी द्वारा दिखाया गया हैं। क्रांतिकारी शालू सैनी द्वारा समाज सेवा को अपना कर्तव्य समझकर किया गया और आज तक उसी तर्ज पर समाज सेवा करती आ रही हैं।क्रांतिकारी शालू सैनी ने बताया की वो हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई सभी धर्मो अनुसार विधि विधान से अंतिम संस्कार करती हैं आज फिर दो लावारिसों को अपना नाम देकर क्रांतिकारी शालू सैनी ने विधि विधान से अंतिम संस्कार किया एक मुस्लिम धर्म से थे उन्हे कब्रिस्तान ले गई और एक हिंदू धर्म से थे उन्हे शमशान घाट ले गई क्रांतिकारी शालू सैनी का पहला धर्म इंसानियत ह क्रांतिकारी शालू सैनी ने बताया की अब तक वो करीब तीन हजार से ज्यादा लावारिसो की वारिस बन अंतिम संस्कार कर चुकी हैं शालू ने कहा कि भगवान ने मुझको समाज सेवा की कसौटी पर उतारा हैं और मै इस कसौटी पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करूंगी, क्योकि भगवान भेाले नाथ ने यदि मुझको इस कार्य के लिए चुना हैं तो होसला और हिम्मत भी वही दे रहा हैं,उन्होंने बताया की ये सेवा वो समाज से सहयोग मांग कर करती हैं उनका खुद का इतना सामर्थ्य नहीं है क्योंकि वो एक सिंगल मदर ह और सड़क पर ठेला लगाकर अपने बच्चो की जिम्मेदारी पूरी करती हैं


समाज सेवा के क्षेत्र में आज क्रांतिकारी शालू सैनी परिचय की माहताज नही हैं। लावारिसों की वारिस क्रांतिकारी शालू सैनी के नाम से जनपद के साथ साथ पडोसी जनपदों में भी प्रसि( हो रही हैं उन्होंने जनता से भी अपील की ह की उनकी सेवा में इच्छा अनुसार सहयोग अवश्य करें गुगल पे फोन पे 8273189764 सभी सहयोगियों का भी धन्यवाद किया
निवेदक राजू सैनी महासचिव साक्षी वेलफेयर ट्रस्ट






