भारतीय ज्ञान परंपरा के श्रीमद्भगवद्गीता और रामायण को कक्षागत पाठ्यक्रम में सम्मिलित करने का मुख्य उद्देश्य। छात्रों में न केवल धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करना है,बल्कि उनके जुड़े नैतिक मूल्य,विवेकशीलता,भावनात्मक संतुलन, नेतृत्व क्षमता,और कर्तव्यबोध जैसे…