
देहरादून।सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी सभागार में हिमालयन लिटरेचर एंड कल्चर सोसायटी द्वारा आयोजित ‘अमर स्मृति सम्मान’ एवं कवि सम्मेलन में उत्तराखंड के परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा एवं शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सहभागिता की। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। चार सत्रों में आयोजित इस भव्य आयोजन में महाकवि कालिदास के साहित्य, भारतीय संस्कृति, प्रकृति चित्रण और उनके अप्रतिम योगदान पर विद्वानों ने विस्तार से विचार रखे। वहीं देशभर से आए कवियों एवं शायरों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा अति विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि साहित्य, संस्कृति और कला किसी भी समाज की अमूल्य धरोहर हैं। महाकवि कालिदास जैसे महान साहित्यकारों की रचनाएं आज भी भारतीय संस्कृति, प्रकृति और मानवीय मूल्यों का संदेश देती हैं। ऐसे साहित्यिक आयोजन नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।
प्रदीप बत्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार साहित्य, कला और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राज्य की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में पत्रकारिता, शिक्षा, समाज सेवा, महिला सशक्तिकरण, संस्कृति और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को ‘अनहद सम्मान’ से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने सभी सम्मानित व्यक्तियों को बधाई देते हुए कहा कि समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों का सम्मान करना दूसरों को भी प्रेरित करने का सशक्त माध्यम है।
समापन सत्र में अनहद संस्था की अध्यक्ष मीरा नवेली के पिता स्वर्गीय अमर चंद शर्मा को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने असीम शुक्ल को “अमर स्मृति सम्मान” प्रदान किया। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय अमर चंद शर्मा के आदर्श और समाज के प्रति उनका योगदान सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा। साथ ही उन्होंने हिमालयन लिटरेचर एंड कल्चर सोसायटी द्वारा आयोजित इस गरिमामयी आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में साहित्य, संस्कृति और मानवीय मूल्यों के प्रति सम्मान की भावना को और अधिक सुदृढ़ करते हैं।





