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आईआईटी रुड़की ने सतत विनिर्माण एवं नवाचार को आगे बढ़ाने के लिए रणनीतिक साझेदारियों को सुदृढ़ किया

रुड़की। नवाचार-आधारित औद्योगिक परिवर्तन और सतत विकास को आगे बढ़ाने के अपने दृष्टिकोण के अनुरूप, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (आईआईटी रुड़की) ने न्यू एज मेकर्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी और आर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारियों को और सुदृढ़ किया है, जिससे अनुसंधान, प्रतिभा विकास और उद्योग सहयोग के नए अवसर सृजित हुए हैं।

प्रो. के.के. पंत, निदेशक, आईआईटी रुड़की के नेतृत्व में गए प्रतिनिधिमंडल में प्रो. अंदलीब तारिक, प्रो. अब्सार अहमद काज़मी, प्रो. मनीष मिश्रा और प्रो. कोमल त्रिपाठी शामिल रहे, जिन्होंने सतत विकास, उन्नत विनिर्माण , सर्कुलर इकोनॉमी, डिजिटल प्रौद्योगिकियों और प्रतिभा विकास के क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर अकादमिक एवं औद्योगिक नेताओं के साथ विचार-विमर्श किया।

ये सहभागिताएँ आईआईटी रुड़की के व्यापक दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करती हैं, जिसका उद्देश्य ऐसे परिवर्तनकारी उद्योग-अकादमिक इकोसिस्टम का निर्माण करना है जो न केवल अग्रणी अनुसंधान को आगे बढ़ाएँ, बल्कि ज्ञान को व्यावहारिक और व्यापक समाधान में परिवर्तित कर राष्ट्रीय एवं वैश्विक चुनौतियों का समाधान भी करें।

इसी दृष्टि के अंतर्गत, आईआईटी रुड़की एनटीपीसी के कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व समर्थन से सस्टेनेबल एनर्जी एंड सर्कुलैरिटी हेतु रिसर्च एंड एक्सपीरिएंशियल लर्निंग सेंटर की स्थापना का नेतृत्व कर रहा है। इस केंद्र का उद्देश्य सतत विनिर्माण और भारत के ऊर्जा परिवर्तन के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अनुप्रयुक्त अनुसंधान, कार्यबल विकास तथा उद्योग सहयोग को बढ़ावा देना है।

प्रो. के.के. पंत, निदेशक, आईआईटी रुड़की ने कहा, “विनिर्माण का भविष्य सतत विकास, उन्नत प्रौद्योगिकियों और कुशल मानव संसाधन द्वारा निर्धारित होगा। आईआईटी रुड़की ऐसी परिवर्तनकारी साझेदारियाँ विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है जो अनुसंधान को प्रभाव में बदलें, औद्योगिक नवाचार को गति दें और भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी एवं सतत अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में योगदान दें।”

डॉ. हफीज, महानिदेशक न्यू एज मेकर्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ने कहा, अनुसंधान उत्कृष्टता, अनुभवात्मक शिक्षण और औद्योगिक प्रासंगिकता को एकीकृत कर हम ऐसे मंच विकसित कर रहे हैं जो बड़े पैमाने पर सतत विकास और कार्यबल परिवर्तन को गति दे सकते हैं।”

डॉ. अरविंद बोधंकर, मुख्य सततता अधिकारी, AM/NS India ने कहा, “विनिर्माण का भविष्य सततता, नवाचार और सहयोग पर आधारित होगा। आईआईटी रुड़की और

आईआईटी रुड़की) ने न्यू एज मेकर्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के साथ हमारी सहभागिता के माध्यम से हम ऐसी प्रौद्योगिकियों और प्रतिभाओं का सह-विकास करना चाहते हैं जो लचीले और उत्तरदायी औद्योगिक इकोसिस्टम का निर्माण कर सकें।”

इन रणनीतिक सहभागिताओं के माध्यम से, आईआईटी रुड़की भारत के सतत एवं वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी विनिर्माण की ओर संक्रमण में उत्प्रेरक (Catalyst) की भूमिका को और सुदृढ़ कर रहा है। शिक्षा और उद्योग के बीच गहन साझेदारियों को बढ़ावा देकर संस्थान ऐसे नवाचार इकोसिस्टम का निर्माण कर रहा है जो ज्ञान सृजन, भविष्य के लिए तैयार प्रतिभा विकास तथा राष्ट्रीय विकास और वैश्विक सततता लक्ष्यों में योगदान देने वाली प्रौद्योगिकियों एवं समाधानों को आगे बढ़ाते हैं।

Samarth Bharat News

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