रुड़की। विश्व रचनात्मक एवं नवाचार दिवस के उपलक्ष में आनन्द स्वरूप आर्य सरस्वती विद्या मन्दिर के 84 बटालियन उत्तराखण्ड वाहिनी राष्ट्रीय कैडेट कोर के एनसीसी कैडेटों ने बेसिक आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) का प्रयोग संस्कार और सामर्थ्य

का अनूठा संगम संगोष्ठी एवं जागरूकता अभियान में बढ-चढकर प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का संचालन कैडेट दीप्ति एवं कैडेट प्रतिष्ठा ने संयुक्त रूप से किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य अमरदीप सिंह ने एनसीसी कैडेट को सम्बोधित करते हुए कहा कि भविष्य की सफलता इस बात पर निर्भर नही करेगी कि हमारे पास कितनी उन्नत तकनीक है। अपितु इस पर निर्भर करेगी की हमने तकनीक का उपयोग कितने उत्तरदायित्व एवं संस्कारो के साथ किया। बिना संस्कारो के सामथ्र्य दिशाहीन होता है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता का लाभ तभी सम्भव है, जब वह मानवता के कल्याण के भावना से प्रेरित हो भारत हमेशा से ऐसे ज्ञान का समर्थन करता है। जो राष्ट्र, समाज को जोड़ने का काम करें।

कैडेट रिशिता ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का प्रयोग डेटा विश्लेषण, चिकित्सा, शिक्षा, कृषि, जनगणना, करगणना आदि जटिल कार्यो को कम समय में और अधिक शुद्धता के साथ पूरा करने में सक्षम बताया साथ ही उत्पादन बढाने एवं भविष्य की चुनौतियों के लिए भी कृत्रिम बुद्धिमत्ता को अत्यन्त आवश्यक एवं अनिवार्य बताया।

कैडेट सेजल एवं श्री धीमान ने कम्प्यूटर आधारित पावर प्वाईंट प्रस्तुति के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की सत्यनिष्ठा, समानता, निजता का सम्मान और संतुलित भविष्य के संदर्भ में प्रकाश डाला।

इस अवसर पर उप प्रधानाचार्य मोहन सिंह मटियानी कैप्टन विशाल शर्मा, एनसीसी अधिकारी नीरज नौटियाल सहित कैडेट वैष्णवी त्यागी, मानसी धीमान, जिया, आस्था, खुशी, राधिका, अक्षरा, दक्ष, सार्थक, आयुष, मुस्कान, वाणी आदि प्रमुख रुप से उपस्थित रहे।

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