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11 अगस्त को सावन शिवरात्रि, हरिद्वार पंचांग के अनुसार रात 12:01 से 12:44 बजे तक निशीथ काल

रुड़की/हरिद्वार। सावन माह की शिवरात्रि इस बार 11 अगस्त 2026, मंगलवार को मनाई जाएगी। हरिद्वार क्षेत्र के पंचांग के अनुसार चतुर्दशी तिथि 11 अगस्त को प्रातः लगभग 4:54 बजे से शुरू होकर 12 अगस्त की रात्रि 1:52 बजे तक रहेगी। इस दौरान भगवान शिव की पूजा, जलाभिषेक और रुद्राभिषेक के लिए अलग-अलग शुभ समय बताए गए हैं।

महाराज ओमजी, वैदिक पंचशील काली मंदिर, रुड़की-हरिद्वार के अनुसार शिवभक्त 11 अगस्त को प्रातः 5:00 से 7:00 बजे तक स्नान, संकल्प और शिवलिंग पर जलाभिषेक कर सकते हैं। इसके बाद 7:00 से 10:00 बजे तक दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल और बेलपत्र आदि से भगवान शिव का अभिषेक किया जा सकता है।

10:00 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र एवं ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करने का समय बताया गया है। वहीं दोपहर 12:30 से 3:00 बजे तक शिव-पार्वती पूजन, शिव चालीसा और रुद्राष्टाध्यायी पाठ किया जा सकता है।

शाम के समय 4:00 से 6:00 बजे तक दीप-धूप, बेलपत्र अर्पण और शिव आरती तथा 6:00 से रात 9:00 बजे तक विशेष शिव पूजन एवं रुद्राभिषेक का समय बताया गया है।

निशीथ काल में विशेष साधना

शिवरात्रि की मुख्य साधना रात्रि में मानी जाती है। हरिद्वार पंचांग के अनुसार निशीथ काल लगभग रात 12:01 बजे से 12:44 बजे तक रहेगा। इस अवधि में शिवलिंग का अभिषेक और ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप विशेष रूप से किया जा सकता है।

सावन शिवरात्रि को लेकर शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की संभावना है। हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में भक्त भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और परिवार की मंगलकामना करेंगे।

Samarth Bharat News

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