
रुड़की। महावीर अस्पताल में एक बच्चे की छुट्टी (डिस्चार्ज) को लेकर हुए विवाद के दौरान अस्पताल के स्टाफ के साथ कथित मारपीट का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) रुड़की के प्रतिनिधिमंडल ने आज उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं रुड़की विधायक प्रदीप बत्रा से मुलाकात कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

महावीर अस्पताल के डॉक्टर संजय गर्ग ने कहा कि घटना के संबंध में पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज कर लिया है, लेकिन आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराएँ नहीं लगाई गई हैं। उनका कहना है कि अस्पताल में घुसकर स्टाफ के साथ मारपीट करना गंभीर अपराध है और इस मामले में कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
आईएमए रुड़की के डॉक्टरों ने कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराते हुए चिकित्सकों और अस्पताल कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि यदि अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी सुरक्षित नहीं होंगे तो इसका सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ेगा।
कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि मामले को गंभीरता से लिया जाएगा और पुलिस प्रशासन से वार्ता कर निष्पक्ष जांच तथा कानून के अनुरूप उचित एवं सख्त कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी समाज की अमूल्य सेवा करते हैं और उनके साथ किसी भी प्रकार की हिंसा या अभद्रता स्वीकार नहीं की जाएगी। दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार प्रभावी कार्रवाई कराई जाएगी।इस अवसर पर डॉक्टर संजय गर्ग,डॉक्टर संजीव गर्ग,डॉक्टर एनडी अरोड़ा,डॉक्टर पारित अग्रवाल,डॉक्टर भार्गव,अजय सिंघल,डॉक्टर नीरज अग्रवाल,आदि लोग मौजूद रहे।





