
रुड़की। रुड़की नगर निगम की मेयर अनीता अग्रवाल की पहल पर आयोजित की जा रही नियमित गंगा आरती अब शहर की नई पहचान बनती जा रही है। इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहल की सराहना करते हुए उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री ने खुलकर प्रशंसा की और इसे समाज को एकजुट करने वाली प्रेरणादायक पहल बताया।

गंगा तट पर आयोजित भव्य गंगा आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। पूरे वातावरण में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। दीपों की रोशनी, मंत्रोच्चार और भजन-कीर्तन से गंगा घाट भक्तिमय हो उठा।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और सभ्यता की जीवनधारा है। उन्होंने कहा कि मेयर अनीता अग्रवाल द्वारा गंगा आरती को नियमित स्वरूप देना सराहनीय प्रयास है, जिससे लोगों में धार्मिक आस्था के साथ-साथ गंगा स्वच्छता और संरक्षण के प्रति भी जागरूकता बढ़ेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पहल आने वाले समय में रुड़की की एक विशिष्ट पहचान बनेगी।
मेयर अनीता अग्रवाल ने कहा कि गंगा आरती का उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन करना नहीं, बल्कि समाज में एकता, सांस्कृतिक मूल्यों और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना भी है। उन्होंने बताया कि नगर निगम का प्रयास है कि अधिक से अधिक लोग इस आयोजन से जुड़ें और गंगा की स्वच्छता तथा संरक्षण के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने भी गंगा आरती की भव्य व्यवस्था और अनुशासित आयोजन की सराहना की। लोगों का कहना था कि इस प्रकार के आयोजन शहर में सकारात्मक वातावरण का निर्माण करते हैं और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य करते हैं।
गंगा आरती के माध्यम से रुड़की में धार्मिक पर्यटन को भी नई पहचान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि इसी प्रकार नियमित रूप से भव्य आयोजन होते रहे तो रुड़की धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्रों में अपनी अलग पहचान बना सकेगा।
पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा की गई खुली प्रशंसा के बाद मेयर अनीता अग्रवाल की इस पहल की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है। शहरवासियों का मानना है कि गंगा आरती अब केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि रुड़की की नई सांस्कृतिक पहचान बनती जा रही है।





