Latest Update

रुड़की में रसोई गैस की ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम क्रैश, काउंटर पर बुकिंग को उमड़ी भीड़

रुड़की। शहर में आनलाइन गैस बुकिंग सिस्टम पूरी तरह से क्रैश हो गया है। इससे आनलाइन बुकिंग नहीं हो पा रही है। इसके चलते काउंटर पर रसोई गैस बुकिंग कराने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है।शनिवार को ही छवि गैस एजेंसी पर काउंटर बुकिंग का आंकड़ा सात सौ को पार हो गया, वहीं दीपाली गैस एजेंसी पर भी सात सौ उपभोक्ताओं ने काउंटर से बुकिंग कराई।बुकिंग के दौरान लोगों में नोकझोंक हो रही है। हालांकि बुकिंग के 24 घंटे के अतरांल पर उपभोक्ताओं के घर पर रसोई गैस का सिलिंडर पहुंच जा रहा है।अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध की वजह से देश में रसोई गैस का संकट गहरा गया है। हालांकि सरकार का दावा है कि रसोई गैस की कोई कमी नहीं हैं, लेकिन जो नए नियम आए हैं, उनके मुताबिक लोगों की परेशानी बढ़ गई है।शुक्रवार शाम से ही आनलाइन गैस बुकिंग सिस्टम पूरी तरह से क्रैश हो गया है। इसकी वजह से काउंटर पर गैस बुकिंग के लिए लोगों की भीड़ एजेंसी के दफ्तरों के बाहर सुबह सात बजे से उमड़ रही है। दीपाली गैस एजेंसी हो या छवि, शक्ति से लेकर एकता गैस एजेंसी तक लोगों की जबरदस्त भीड़ उमड़ रही है।दीपाली गैस एजेंसी के मालिक वाईपी सिंह ने बताया कि सुबह से ही काउंटर पर बुकिंग के लिए लोग उमड़ रहे हैं। भीड़ को संभालना बड़ा चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। हालांकि रसोई गैस की किल्लत नहीं है। बुकिंग के 24 घंटे में उपभोक्ता के घर रसोई गैस पहुंच जा रही है।

पुलिसकर्मी नहीं पहुंचे, बार-बार हो रहा हंगामा

जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिए हैं कि गैस एजेंसियों पर सुरक्षा के इंतजाम किए जाएं। प्रत्येक एजेंसी पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाए, लेकिन शहर की किसी भी गैस एजेंसी पर पुलिसकर्मियों की तैनाती नहीं हुई है।इसकी वजह से उपभोक्ताओं के बीच में नोकझोंक हो रही है। गैस एजेंसी के कर्मचारियों के लिए उपभोक्ताओं को संभालना बड़ी चुनौती साबित हो रहा है।

व्यावसायिक सिलिंडर की नहीं हो सकी आपूर्ति

शहर से लेकर देहात क्षेत्र में व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति नहीं हो सकी है। इसकी वजह से होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट, मिष्ठान भंडार आदि पर रसोई गैस का संकट खड़ा हो गया है।यहां पर कोयला, लकड़ी एवं डीजल भट्ठी को संचालित किया जा रहा है। कुछ जगह तो ढाबों को बंद कर दिया गया है।रुड़की के चौपाटी बाजार में ही आधे से अधिक दुकानदार नहीं पहुंच रहे हैं। इसकी वजह से उनके सामने भी रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

ग्रामीण इलाकों में 45 दिन के नियम ने बढ़ाई मुश्किल

ग्रामीण क्षेत्र की गैस एजेंसी के लिए 45 दिन में सिलिंडर बुकिंग का नियम लागू कर दिया गया है। ऐसे में ग्रामीण इलाकों की परेशानी बढ़ना लाजिमी है।दरअसल गांव में अधिकांश संयुक्त परिवार हैं और एक परिवार में एक गैस सिलिंडर 25 से 30 दिन ही चल पा रहा है। वहीं अब गांव में उपले एवं लकड़ी आदि की व्यवस्था कोई नहीं करता है।इसकी वजह से परेशानी बढ़ गई है। अब मजबूरी में लोगों को चूल्हे जलाने पड़ रहे हैं।

इंटरनेट मीडिया पर बन रहे मीम एवं रील्स

रसोई गैस के सिलिंडर को लेकर इंटरनेट मीडिया पर भी तमाम तरह के रील व मीम बन रहे हैं। कोई उपले के कूप (बिटोड़े) की वीडियो एवं फोटो लगाकर बता रहा है कि भारत की महिलाओं ने ईरान एवं अमेरिका को चुनौती देने के लिए पर्याप्त ईंधन की व्यवस्था कर ली है।कुछ लोग चूल्हे पर खाना बनाने का वीडियो डाल रहे हैं तो कोई पानी गर्म करने की राड को बिगौने में डालकर चाय बनाते हुए नजर आ रहा है।

Samarth Bharat News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Samarth Bharat News