
देहरादून/गैरसैंण। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami सोमवार को राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी Bhararisain (गैरसैंण) स्थित Uttarakhand Legislative Assembly के लिए रवाना हुए, जहां वे वित्तीय वर्ष 2026–2027 का बजट प्रस्तुत करेंगे। इस बजट को राज्य के विकास की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण बजट माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री धामी ने प्रस्थान से पहले कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को विकास, रोजगार, बुनियादी सुविधाओं और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार का बजट राज्य के सर्वांगीण विकास को गति देगा और हर वर्ग की अपेक्षाओं पर खरा उतरेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने, पर्यटन और धार्मिक स्थलों के विकास, ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने तथा महिलाओं और किसानों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

भराड़ीसैंण विधानसभा में बजट सत्र के दौरान राज्य के विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। सरकार इस बजट के माध्यम से निवेश बढ़ाने, उद्योगों को प्रोत्साहन देने और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई नई घोषणाएं कर सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह बजट आगामी वर्षों के लिए सरकार की विकास नीतियों और प्राथमिकताओं को स्पष्ट करेगा। वहीं राज्य की जनता को भी इस बजट से कई नई योजनाओं और राहत की उम्मीद है।
गौरतलब है कि Gairsain को उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी का दर्जा प्राप्त है और यहां आयोजित होने वाले विधानसभा सत्र को प्रदेश की क्षेत्रीय संतुलन और पहाड़ी क्षेत्रों के विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।
सरकार का दावा है कि इस बार का बजट “समावेशी विकास” की अवधारणा पर आधारित होगा, जिसमें प्रदेश के हर क्षेत्र और हर वर्ग के हितों का ध्यान रखा जाएगा।








