
रुड़की। ब्रह्माकुमारीज के रुड़की सेवा केंद्र पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया।

समारोह में बैंगलोर कर्नाटक की सावित्रीबाई फुले साहित्यिक संस्था अध्यक्ष एवं प्रसिद्ध लोक गायिका डॉ सुनीता सैनी गुड्डी ने ‘मैं तो पानी-पूरी खाऊँगी री मां’गीत सुनाकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया,उन्होंने ब्रह्माकुमारीज संस्था द्वारा वैश्विक स्तर पर किये जा रहे नारी सशक्तिकरण व विश्व शांति प्रयासों की सराहना की।आईआईटी रुड़की की डीन रही डॉ रमा भार्गव ने कहा कि पुरूष प्रधान समाज मे नारी को अपनी योग्यता सिद्ध करनी पड़ती है,जबकि पुरुषों के साथ ऐसा नही है।उन्होंने भेदभाव रहित समाज की स्थापना पर जोर दिया।आईआईटी रुड़की की डिप्टी रजिस्ट्रार मेजर नीति उपाध्याय ने भारतीय सेना में पुरूष जवानों के साथ देश की रक्षा से जुड़े अनुभव साझा किए।वही आईआईटी में देश के भविष्य युवा विद्यार्थियों की सेवा में बिताए जा रहे पलों को स्वर्णिम बताया।महिला चिकित्सक डॉ वन्दना ग्रोवर ने ब्रह्माकुमारीज के ध्यान योग को महिलाओं के लिए वरदान बताया व कहा कि वे गर्भवती महिलाओं को ध्यान योग कराती है तो उनके स्वास्थ्य में उत्तरोत्तर सुधार देखने को मिलता है।देवबंद राजकीय चिकित्सालय की चिकित्साधिकारी डॉ पुनिता शर्मा ने कहा कि उन्हें ब्रह्माकुमारीज केंद्र पर आकर सुखद अनुभूति हुई है ,उन्होंने ब्रह्माकुमारीज को चरित्र निर्माण का वैश्विक केंद्र बताया।सभी महिला अतिथियों का स्वागत करते हुए राजयोगिनी बीके गीता दीदी ने कहा कि महिलाओं को आत्मबल के भरोसे आगे बढ़ना चाहिए ,जिसके लिए राजयोग का अभ्यास जरूरी है। उन्होंने सभी महिला अतिथियों व सभागार में मौजूद प्रतिभागी महिलाओं का पटका पहनाकर व ईश्वरीय सौगात देकर सम्मान भी किया। केंद्र प्रभारी राजयोगिनी बीके गीता दीदी की अध्यक्षता व बीके दीपिका बहन के संचालन में आयोजित

समारोह में बीके सपना,बीके पारुल,,रश्मि त्यागी, राजबाला, अमरेश ,रेखा,कमलेश आदि मौजूद रहे।









