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आज की कथा मे कामदेव का श्री कृष्न के घर मे प्रद्युम्न के रूप मे जन्म और उसका राक्षस द्वारा अपहरण कर समुद्र मे फेंकना ।सुदामा चरित्र, और कैसे भगवान श्रीकृष्ण ने अपने बचपन के दोस्त का सम्मान कर उन्हे पल मे अपने बराबर बना दिया।आज तो दोस्त ही सबसे बडे दुश्मन हो गए है। व्यास जी ने कहा कि इन्सान को भूल कर भी अभिमान नही करना चाहिए।

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