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पंचशील काली मंदिर में शारदीय नवरात्र पर होगा 11 कुंडीय श्री चंडी महायज्ञ, श्रद्धालुओं से शामिल होने की अपील

रुड़की। शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर रुड़की स्थित पंचशील काली मंदिर में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। मंदिर में 11 कुंडीय श्री चंडी महायज्ञ का आयोजन विशेष आकर्षण रहेगा। मंदिर समिति की ओर से अधिक से अधिक श्रद्धालुओं और परिवारों से महायज्ञ में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की गई है।मंदिर से जुड़े आयोजकों ने बताया कि मां काली की कृपा और श्रद्धालुओं के सहयोग से प्रत्येक नवरात्र में मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं। इस वर्ष भी मां की प्रेरणा से 11 कुंडीय श्री चंडी महायज्ञ संपन्न कराने का निर्णय लिया गया है। महायज्ञ में 110 यजमानों के माध्यम से धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए जाने की जानकारी दी गई।आयोजकों के अनुसार, शुरुआत में एक कुंडीय यज्ञ कराने का विचार किया गया था, लेकिन मां की प्रेरणा से 11 कुंडीय महायज्ञ कराने का संकल्प लिया गया। इस आयोजन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को धार्मिक अनुष्ठान से जोड़ना और सामूहिक रूप से मां की आराधना करना है।

19 अक्टूबर को होगा विशाल यज्ञ

मंदिर से मिली जानकारी के अनुसार, नवरात्र के दौरान 19 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से पंचशील काली मंदिर में विशाल 11 कुंडीय महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान श्रद्धालु हवन-पूजन में शामिल होकर मां भगवती का आशीर्वाद प्राप्त कर सकेंगे।आयोजकों ने बताया कि कई बार घरों में जगह की कमी या अन्य परिस्थितियों के कारण लोग हवन नहीं कर पाते हैं। ऐसे श्रद्धालुओं के लिए मंदिर में आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएंगी। हवन कुंड, समिधा, हवन सामग्री, आचार्य और बैठने के लिए कुर्सियों सहित अन्य व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील

मंदिर समिति की ओर से श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक संख्या में मंदिर पहुंचकर महायज्ञ में सहभागी बनें। आयोजकों ने कहा कि धार्मिक आयोजन में सहभागिता के लिए किसी बड़े दान या विशेष सामग्री की अनिवार्यता नहीं है। श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार हवन सामग्री लेकर आ सकते हैं। यदि कोई श्रद्धालु सामग्री नहीं ला पाता है, तो मंदिर में भी आवश्यक व्यवस्था उपलब्ध रहेगी।आयोजकों ने कहा कि जिस प्रकार रामसेतु निर्माण में गिलहरी का छोटा-सा योगदान भी महत्वपूर्ण माना जाता है, उसी प्रकार धार्मिक आयोजनों में प्रत्येक व्यक्ति का सहयोग और सहभागिता मूल्यवान है। सभी श्रद्धालुओं से मां भगवती की आराधना में शामिल होकर आयोजन को सफल बनाने का आग्रह किया गया है।जय माता दी के जयघोष के साथ आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं को शारदीय नवरात्र की शुभकामनाएं देते हुए पंचशील काली मंदिर में आयोजित 11 कुंडीय श्री चंडी महायज्ञ में सपरिवार पहुंचने की अपील की।

Samarth Bharat News

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