
रक्षा बंधन पर्व पर प्रदेश अध्यक्ष मानवाधिकार ब्यूरो उत्तराखंड ने गतवर्षो की भांति एक बार फिर भाई बहन के प्यार व स्नेह व अटूट विश्वास के पवित्र त्यौहार रक्षाबंधन पर्व पर अपनी मुस्लिम बहनों नाज़नीन व अधिवक्ता नरगिस भारती से रक्षा सूत्र बंधवा कर राष्ट्र की एकता व अखंडता की मिसाल कायम की इसके अलावा समाज सेवी अधिवक्ता ने कुमायूंनी बहन हेमा रावल व पंजाबी समुदाय की बहन ईशा कोहली व बहन सरिता व बहन रेणु जैन से रक्षा सूत्र बंधवा कर बताया कि हमसब को भारतीय संस्कृति व उत्तराखंड देवभूमि की आपसी प्यार व आस्था पर्व की संस्कृति व संस्कार को कायम रखने के लिए आपसी मतभेद भुला कर ऐसे पवित्र पावन पर्व रक्षाबंधन को मनाना चाहिए तभी देश की एकता व अखड़ंता कायम रहेगी इसके साथ ही नवीन जैन ने बताया कि रक्षा बंधन का महत्व भाई बहन के प्यार स्नेह तक सीमित नहीं बल्कि यह हर उस रिश्ते का प्रतीक है जो एक दूसरे की सुरक्षा व स्नेह के अट्टू विश्वास की आस्था से जुड़ा है पौराणिक मान्यता में माँ लक्ष्मी ने राजा बलि से रक्षा सूत्र बंधवा कर भगवान विष्णु को मुक्त कराया था इसके अलावा भगवान गणेश के पुत्र शुभ व लाभः की बहन की कमी पूरी करने वास्ते अग्नि से माँ संतोषी को प्रकट कराया था भगवान कृष्ण को द्रौपदी ने कलई पर रक्षा सूत्र बंधवाया था और द्रोपदी के चीरहरण पर बहन की रक्षा की थी साथ ही जैन ने बताया कि मुगल बादशाह हुमायूं ने भी मेवाड़ की रानी कर्णावती की भेजी राखी भेजी थी और मुगल बादशाह हुमायूं ने बहन कर्णावती की राखी स्वीकार कर रक्षा सूत्र बांध बहन कर्णावती की हरसंभव मदद का प्रण लिया था इन्ही सब कारणों से भाई बहन का पवित्र त्यौहार रक्षा बंधन मनाया जाता हैं जो किसी जाति मतभेद के बंधन में नही बंधा हुआ है यह प्रत्येक उस भाई बहन के प्यार स्नेह के अटूट विश्वास आस्था का पर्व है जिसे हमसब को प्यार व सौहार्द साथ मनाना चाहिए।




















