
रुड़की, 24 अगस्त 2026। सावन के पावन चौथे सोमवार के अवसर पर पहाड़ी बाजार स्थित श्री मुक्तेश्वर शिव मंदिर में श्री सनातन धर्म रक्षिणी सभा द्वारा भव्य श्रृंगार एवं आरती का आयोजन श्रद्धा और सनातन परंपराओं के अनुरूप किया गया। इस अवसर पर मंदिर को आकर्षक रूप से सजाया गया तथा भगवान भोलेनाथ का मनोहारी श्रृंगार किया गया। भव्य आरती में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया।

श्रद्धालुओं के लिए आयोजित इस विशेष धार्मिक कार्यक्रम में मंदिर परिसर हर-हर महादेव और ॐ नमः शिवाय के जयघोष से गूंज उठा। मुख्य पुजारी पंडित श्री रोहित शर्मा जी एवं श्री सचिन शर्मा जी के सानिध्य में विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ भगवान शिव की पूजा-अर्चना एवं भव्य आरती संपन्न कराई गई।
इस अवसर पर श्री सनातन धर्म रक्षिणी सभा के मंत्री श्री सौरभ भूषण शर्मा ने कहा कि सावन का महीना भगवान शिव की आराधना और सनातन आस्था का विशेष पर्व है। ऐसे धार्मिक आयोजन हमारी प्राचीन सनातन परंपराओं को जीवंत रखने के साथ-साथ समाज को आध्यात्मिकता, संस्कार और एकता से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की भक्ति में सभी भेद समाप्त हो जाते हैं और समाज को सेवा, सद्भाव तथा सनातन संस्कारों के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
सभा की कोषाध्यक्ष श्री भगवत स्वरूप जी ने कहा कि सावन के पावन अवसर पर मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती आस्था और उत्साह अत्यंत प्रसन्नता का विषय है। सभा का प्रयास है कि सनातन धर्म की धार्मिक परंपराओं एवं संस्कारों को निरंतर आगे बढ़ाया जाए और आने वाली पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ा जाए।
सभा के प्रधान कार्यवाहक श्री सोहनलाल मित्तल जी ने कहा कि श्री मुक्तेश्वर शिव मंदिर क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र है। सावन के प्रत्येक सोमवार को श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति भगवान शिव के प्रति लोगों की अटूट श्रद्धा को दर्शाती है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों को सफल बनाने में समाज के प्रत्येक वर्ग का सहयोग सराहनीय है।
कार्यक्रम में मुख्य पुजारी पंडित श्री रोहित शर्मा जी एवं श्री सचिन शर्मा जी सहित सभा के पदाधिकारी, सदस्य एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर सुख, शांति, समृद्धि एवं परिवार की मंगलकामना के लिए प्रार्थना की।
अंत में भगवान शिव की भव्य आरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। मंदिर परिसर में उपस्थित श्रद्धालुओं ने एक स्वर में “हर-हर महादेव” का जयघोष किया।
हर-हर महादेव।
ॐ नमः शिवाय।
सनातन धर्म की जय



















