
सेवा में,

राष्ट्रीय अध्यक्ष / राष्ट्रीय संगठन महामंत्री
विश्व हिन्दू महासंघ (भारत)
विषय: आगामी 9-मासीय संगठनात्मक, सामाजिक समरसता एवं हिन्दू जागरण कार्ययोजना (जुलाई 2026 – मार्च 2027) की रूपरेखा के संबंध में।
महोदय,
आपके संज्ञान में लाना है कि हमने उत्तराखण्ड प्रदेश/जिला/नगर कार्यकारिणी सभा के माध्यम से आगामी 9 महीनों के लिए एक व्यापक एवं बिंदुवार कार्ययोजना तैयार की है। इस कार्ययोजना का मुख्य उद्देश्य देवभूमि में जातिवाद के भेद को मिटाना, हिन्दू समाज को संगठित करना और आगामी होली महापर्व के पावन अवसर पर एक ऐतिहासिक प्रदेश स्तरीय महासम्मेलन का आयोजन करना है।
संगठन विस्तार और सनातन धर्म की उन्नति के हित में तैयार की गई विस्तृत कार्ययोजना की बिंदुवार सूची निम्नलिखित है:
1. सामाजिक समरसता एवं जाति-भेद उन्मूलन अभियान
’समरसता भोज’ एवं संवाद कार्यक्रम: नगर और वार्ड स्तर पर समाज के वंचित, पिछड़े और अनुसूचित वर्गों के बीच जाकर सामूहिक सहभोज और संवाद। स्थानीय संतों के माध्यम से “सनातन में जातिवाद का कोई भेद नहीं” विषय पर पावन संदेश जन-जन तक पहुँचाना।
बस्तियों में संस्कार शालाएं: नगर इकाइयों द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर एवं पिछड़े वर्ग के बच्चों के लिए निःशुल्क कोचिंग, संस्थान केंद्र और खेल प्रतियोगिताओं का निरंतर संचालन करना।
2. हिन्दू जागरण एवं राष्ट्र रक्षा अभियान
देवभूमि रक्षा व्याख्यान माला: विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और प्रमुख नगरों में प्रबुद्ध वर्ग (अधिवक्ताओं, प्रोफेसरों, चिकित्सकों) के बीच ‘लव जिहाद’, ‘लैंड जिहाद’ और देवभूमि की जनसांख्यिकी (Demography) सुरक्षा पर बौद्धिक सत्र आयोजित करना।
शौर्य जागरण यात्रा एवं युवा सम्मेलन: युवाओं में राष्ट्रवाद और स्वाभिमान की भावना जगाने के लिए प्रखंड व नगर स्तर पर भव्य बाइक रैली और हिन्दू शौर्य दिवस का आयोजन।
मातृशक्ति (महिला विंग) सम्मेलन: परिवारों में सनातन संस्कारों को अक्षुण्ण रखने और धर्म-परिवर्तन की कुत्सित साजिशों के खिलाफ हर जिले में बड़े महिला सम्मेलनों में रूपरेखा तैयार करना।
3. धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यावरण संरक्षण आयोजन
सामूहिक हनुमान चालीसा एवं महाआरती: प्रत्येक मंगलवार या शनिवार को नगर/वार्ड के प्रमुख मंदिरों में भव्य महाआरती, ताकि स्थानीय हिन्दू समाज साप्ताहिक रूप से एकत्रित होकर एकता का सूत्रधार बन सके।
तीर्थ स्वच्छता एवं पर्यावरण अभियान: उत्तराखण्ड के पारंपरिक लोक-पर्वों (जैसे हरेला आदि) पर प्रदेशव्यापी वृक्षारोपण और स्थानीय नदियों, घाटों व ऐतिहासिक मंदिरों में ‘स्वच्छता श्रमदान’ सुनिश्चित करना।
सनातन ज्ञान परीक्षा: स्कूली बच्चों के बीच रामायण, महाभारत और उत्तराखण्ड के गौरवशाली इतिहास पर आधारित ज्ञानवर्धक प्रतियोगिताओं का संचालन।
4. संगठनात्मक सुदृढ़ीकरण एवं प्रशिक्षण (Internal Structure)
त्रिस्तरीय पदाधिकारी प्रशिक्षण वर्ग: प्रदेश स्तर पर जिला अध्यक्षों का वैचारिक सत्र, तथा जिला स्तर पर नगर व ब्लॉक पदाधिकारियों के लिए संगठनात्मक कार्यपद्धति का सुदृढ़ वर्ग आयोजित करना।
हर गांव, हर वार्ड सदस्यता अभियान: आगामी 3 महीनों के भीतर उत्तराखण्ड के प्रत्येक सुदूर सीमांत गांव और नगर के वार्ड तक महासंघ के सक्रिय प्रहरी की नियुक्ति।
📅 9-मासीय चरणबद्ध समय-सारणी (कैलेंडर)
चरण एवं अवधिमुख्य कार्ययोजना एवं लक्ष्य
प्रथम चरण
(जुलाई – सितंबर 2026):सदस्यता अभियान की व्यापक शुरुआत, सावन व स्थानीय त्योहारों पर व्यापक मंदिर स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण (वृक्षारोपण) तथा वंचित बस्तियों में प्राथमिक ‘समरसता भोज एवं संस्कार शालाओं’ की स्थापना की स्थापना।
द्वितीय चरण
(अक्टूबर – दिसंबर 2026):विजयादशमी व दीपावली के पावन अवसर पर भव्य ‘शौर्य जागरण यात्रा’, महाविद्यालयों में “देवभूमि रक्षा व्याख्यान माला” और जिला स्तर पर मातृशक्ति सम्मेलन का वृहद संचालन।
तृतीय चरण
(जनवरी 2027):मकर संक्रांति के अवसर पर सामाजिक समरसता कार्यक्रम। प्रदेश नेतृत्व द्वारा पूज्य शंकराचार्य जी, महामंडलेश्वर संतों, राष्ट्रीय पदाधिकारियों, माननीय मुख्यमंत्री जी और कैबिनेट मंत्रियों को औपचारिक निमंत्रण सौंपने का शुभारंभ।
चतुर्थ चरण
(फरवरी 2027):प्रत्येक जिले और नगर इकाई में विशेष हिन्दू जागरण बैठकें आयोजित करके आम जनता एवं कार्यकर्ताओं को मार्च के महासम्मेलन के लिए आमंत्रित करना तथा पूरे प्रदेश में होर्डिंग्स व सोशल मीडिया के माध्यम से महा-प्रचार सुनिश्चित करना।
शिखर चरण
(मार्च 2027):होली के पावन पर्व के आसपास भव्य प्रदेश स्तरीय महासम्मेलन “देवभूमि समरसता एवं संस्कृति महाकुंभ” का ऐतिहासिक आयोजन।
प्रांतीय महासम्मेलन की विशेष रूपरेखा
आमंत्रित विशिष्ट अतिथि: परम पूज्य शंकराचार्य जी महाराज, पूज्य महामंडलेश्वर स्वामी जी, माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय महामंत्री जी, (विश्व हिन्दू महासंघ) माननीय मुख्यमंत्री जी (उत्तराखण्ड सरकार), एवं माननीय कैबिनेट मंत्रीगण व वरिष्ठ राजनेता।
मुख्य आकर्षण: संतों व राजनेताओं की उपस्थिति में जातिवाद उन्मूलन का सार्वजनिक संकल्प, सांस्कृतिक गौरव व जनसांख्यिकी सुरक्षा प्रस्ताव (Resolution) पारित करना, उत्कृष्ट कार्यकर्ता सम्मान, तथा अंत में सभी वर्गों के साथ एक मंच पर “भव्य समरसता होली मिलन” मनाकर देशव्यापी जीवंत समरसता संदेश प्रस्तुत करना।
हमें आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि हम सब मिलकर संगठन की रीत/नीति के अनुसार सनातन धर्म को विश्व गुरु की श्रेणी में लाने का ऐतिहासिक कार्य करेंगे। आपकी अति कृपा होगी।
हिंदू जागरण, सामाजिक समरसता कार्य योजना की रूपरेखा तैयार: सौरभ भूषण शर्मा – प्रदेश अध्यक्ष,विश्व हिंदू महासंघ उत्तराखंड, भारत
सधन्यवाद!
भवदीय हस्ताक्षर/नाम सूची:
अर्जुन शर्मा (प्रदेश महामंत्री)
विभोर अग्रवाल (प्रदेश महामंत्री संगठन)
प्रमोद रस्तोगी (प्रदेश कोषाध्यक्ष)
सौरभ भूषण शर्मा (प्रदेश अध्यक्ष – विश्व हिन्दू महासंघ, उत्तराखण्ड)





