
देहरादून। उत्तराखंड के परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा के नेतृत्व में राज्य परिवहन निगम सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, पर्यावरण अनुकूल और यात्री-केंद्रित बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में प्रदेश में केरल मॉडल को अपनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। योजना के तहत उत्तराखंड परिवहन निगम जल्द ही दिल्ली-देहरादून मार्ग पर हाइड्रोजन ईंधन से संचालित बसों का संचालन शुरू करने की दिशा में काम कर रहा है। इसके साथ ही यात्रियों की सुविधा के लिए अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और टोल-फ्री हेल्पलाइन भी स्थापित की जाएगी।

हाल ही में गुजरात में आयोजित परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स प्रदर्शनी में उत्तराखंड परिवहन निगम के अधिकारियों ने हाइड्रोजन तकनीक पर आधारित बसों सहित कई आधुनिक परिवहन मॉडल का अध्ययन किया। इसके बाद इस तकनीक को उत्तराखंड में लागू करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है। प्रारंभिक चरण में दो हाइड्रोजन बसों को योजना में शामिल करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा का कहना है कि राज्य सरकार का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, स्वच्छ और अत्याधुनिक परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराना है। हाइड्रोजन बसों के संचालन से प्रदूषण में कमी आएगी, ईंधन की लागत घटेगी और भविष्य की हरित परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
योजना के अंतर्गत बसों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया जाएगा, जहां से सभी बसों की लोकेशन, गति और संचालन पर नजर रखी जाएगी। साथ ही यात्रियों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए 24×7 टोल-फ्री हेल्पलाइन भी शुरू की जाएगी।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, हाइड्रोजन बसों के संचालन से पहले आवश्यक तकनीकी एवं वित्तीय प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। प्रस्ताव को जल्द ही उत्तराखंड परिवहन निगम बोर्ड के समक्ष रखा जाएगा। इस पहल से उत्तराखंड देश के उन राज्यों में शामिल होगा जो हरित एवं आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।





