
देहरादून/हरिद्वार। परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा के प्रभावी हस्तक्षेप और कर्मचारियों के हितों के प्रति उनकी संवेदनशील पहल के परिणामस्वरूप उत्तराखंड परिवहन निगम के हरिद्वार डिपो के 32 चालक-परिचालकों को लंबे समय से लंबित मॉडिफाइड एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (एमएसीपी) का लाभ मिल गया है। निगम मुख्यालय द्वारा जारी आदेश के बाद पात्र कर्मचारियों को वित्तीय उन्नयन का लाभ मिलेगा, जिससे उनके वेतन में वृद्धि का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
जानकारी के अनुसार, हरिद्वार डिपो के कर्मचारियों का यह मामला कई महीनों से लंबित था। उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने इस संबंध में परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा के समक्ष कर्मचारियों की समस्याएं रखीं। कर्मचारियों की मांग को गंभीरता से लेते हुए मंत्री बत्रा ने निगम प्रबंधन से वार्ता कर पात्र कर्मचारियों के मामलों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए।
परिवहन मंत्री के निर्देशों के बाद निगम मुख्यालय स्तर पर गठित समिति ने मामलों की समीक्षा की और 32 कर्मचारियों को वित्तीय उन्नयन की मंजूरी प्रदान कर दी। जारी आदेश के अनुसार अधिकांश कर्मचारियों को एमएसीपी के तहत लेवल-2 से लेवल-3 में वित्तीय उन्नयन का लाभ मिलेगा, जिससे उनके वेतनमान में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

कर्मचारी संगठनों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने कर्मचारियों की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए त्वरित कार्रवाई कर उनकी वर्षों पुरानी मांग को पूरा कराया है। कर्मचारियों ने मंत्री बत्रा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके हस्तक्षेप से लंबित प्रकरणों का समाधान संभव हो सका।
परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और परिवहन निगम के कर्मचारियों की जायज समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाना और उनकी सेवा संबंधी समस्याओं का निराकरण करना सरकार की प्राथमिकता है।




