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उत्तरांचल स्टेट प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन, जनपद हरिद्वार ने विद्यालयों के समय में परिवर्तन की मांग शिक्षा अधिकारी नरेश हल्दियानी को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया

रूडकी(हरिद्वार)। भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते हीटवेव के प्रभाव को देखते हुए उत्तरांचल स्टेट प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन, जनपद हरिद्वार ने विद्यालयों के समय में परिवर्तन की मांग उठाई है। इस संबंध में संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य शिक्षा अधिकारी नरेश हल्दियानी को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया।

संगठन के जिलाध्यक्ष अश्वनी चौहान, जिला कोषाध्यक्ष अरविंद कुमार शर्मा एवं जिला मंत्री हेमेन्द्र चौहान ने संयुक्त वक्तव्य में कहा कि वर्तमान समय में जनपद हरिद्वार सहित प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। मौसम विभाग द्वारा भी हीटवेव की चेतावनी जारी की जा चुकी है, जिससे विशेषकर छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।

उन्होंने कहा कि विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं प्रातःकाल से ही तेज धूप और गर्म हवाओं के बीच विद्यालय पहुंचने को मजबूर हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य, एकाग्रता और उपस्थिति पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। वर्तमान परिस्थितियों में छात्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

पदाधिकारियों ने तर्क देते हुए बताया कि पड़ोसी जनपदों में भी विद्यालय समय में परिवर्तन कर सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक कक्षाएं संचालित की जा रही हैं, जिससे छात्रों को राहत मिल रही है और अभिभावकों में भी संतोष का वातावरण है। इसी प्रकार हरिद्वार में भी समय परिवर्तन आवश्यक है ताकि शिक्षण कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सके और बच्चों को अनावश्यक कठिनाइयों से बचाया जा सके।

संयुक्त वक्तव्य में यह भी कहा गया कि वर्तमान समय सारिणी के कारण छात्र-छात्राओं को अत्यधिक गर्मी में विद्यालय से लौटना पड़ता है, जिससे हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में विद्यालय समय को प्रातः 7:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक निर्धारित करना व्यावहारिक, संवेदनशील और जनहितकारी निर्णय होगा।

संगठन ने यह भी मांग की कि वर्तमान संशोधित समय-सारिणी को स्थायी रूप से लागू करने के लिए प्रस्ताव शासन स्तर पर भी भेजा जाए, ताकि भविष्य में भी ऐसी परिस्थितियों में समय रहते प्रभावी निर्णय लिया जा सके। अंत में पदाधिकारियों ने मुख्य शिक्षा अधिकारी से अपेक्षा की कि छात्र-छात्राओं के हित को ध्यान में रखते हुए शीघ्र ही विद्यालय समय परिवर्तन संबंधी आदेश जारी किए जाएं।

Samarth Bharat News

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