
हरिद्वार। इस बार जिला पंचायत में विकास कार्याें के लिए 99 करोड़ से भी अधिक का बजट पास किया गया। नए वित्तीय वर्ष के लिए अनुमानित बजट पर मुहर लगाई गई। बैठक में जिला पंचायत सदस्यों की ओर से शिक्षा, जल संरक्षण, पर्यावरण पर जोर दिया गया।देवपुरा के निकट स्थित जिला पंचायत सभागार में जिला पंचायत अध्यक्ष राजेंद्र सिंह उर्फ चौधरी किरण सिंह की अध्यक्षता में बोर्ड बैठक हुई। इसमें एक अप्रैल से शुरू होने वाले नए वित्तीय वर्ष में विकास कार्याें के लिए 99 करोड़ 51 लाख 40 हजार रुपये खर्च करने का बजट का प्रस्ताव सदन में रखा गया। इसे जिला पंचायत सदस्यों की ओर से ध्वनि मत से मंजूरी दे दी गई जबकि पिछले साल 86 करोड़ सात लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया था। इससे वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 12 करोड़ 81 लाख 40 हजार रुपये के अधिक बजट का प्रावधान विकास कार्यों के लिए पारित किया गया है।
इस बार सबसे ज्यादा मूल निर्माण और अनुरक्षण के कार्यों में खर्च किया जाएगा। बैठक में विकास कार्याें के लिए नवाचार करने का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया है। इसमें जल संरक्षण के लिए तालाबों की साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण, पौधरोपण, स्वच्छता अभियान के लिए भी बजट खर्च किया जाएगा। संपर्क मार्गों पर यात्रियों के लिए विश्रामाल्य बनाए जाने का प्रस्ताव भी पारित किया गया।

जिला पंचायत अध्यक्ष राजेंद्र सिंह उर्फ चौधरी किरण सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करने के प्रस्ताव भी पारित किए गए। इसमें गांवों में पुस्तकालयों का निर्माण किया जाएगा ताक गांव के बच्चे पढ़कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियां कर सकें। बैैठक का संचालन अपर मुख्य अधिकारी संजय खंडूरी ने किया। इस मौके पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित चौहान, विधायक ममता राकेश, जिला पंचायत सदस्य चौधरी राजेंद्र सिंह, जिला पंचायत सदस्य दर्शना सिंह, अरविंद राठी, अंकित कश्यप आदि मौजूद रहे। जिला पंचायत अध्यक्ष चौधरी किरण सिंह ने मीडिया से बातचीत में बताया है कि जिला पंचायत हरिद्वार की बोर्ड बैठक में जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र और सर्वांगीण विकास को केंद्र में रखते हुए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसे जनहित से जुड़े विषयों पर गहन विचार-विमर्श के पश्चात सभी प्रस्ताव माननीय सदस्यों की सर्वसम्मति से पारित किए गए। यह केवल एक औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत के सशक्तिकरण, संसाधनों के संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक ठोस कदम है। हमारा संकल्प है कि विकास की हर योजना ज़मीन तक पहुंचे और हर गांव आत्मनिर्भर, समृद्ध और सशक्त बने। “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के मूल मंत्र के साथ हम निरंतर जनसेवा और क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं।






