रुड़की, 16 मई 2026: द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), रुड़की लोकल सेंटर द्वारा आज अनुश्रुति स्कूल, आईआईटी रुड़की में ‘विश्व दूरसंचार एवं सूचना समाज दिवस’ का आयोजन किया गया।इस अवसर पर मुख्य वक्ता डॉ. सतीश त्यागी, मंडलीय अभियंता (फोन्स), बीएसएनएल, रुड़की ने दूरसंचार के विकास क्रम पर प्रकाश डाला। उन्होंने पॉइंट-टू-पॉइंट संचार, डिजिटल ओसीबी तथा ई-10बी एक्सचेंज से लेकर 2G, 3G, 4G, 5G और आगामी 6G तकनीक तक की यात्रा को विस्तार से समझाया। डॉ. त्यागी ने फाइबर क्रांति का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्तमान में 100 एमबीपीएस तक की 4G सेवा के माध्यम से स्मार्ट सिटी, स्मार्ट एंबुलेंस और स्मार्ट चौराहों जैसी सुविधाएं संभव हो रही हैं। 5G डिजिटल तकनीक के माध्यम से जनसेवा के नए आयाम स्थापित होंगे।
उन्होंने बताया कि 50 केबीपीएस से शुरू हुई डेटा गति अब 10 जीबीपीएस तक पहुंच गई है। सैटेलाइट संचार की सुविधा प्रत्येक गांव तक पहुंचाई जा रही है, जबकि शहरों में फाइबर के माध्यम से अत्याधुनिक तकनीक उपलब्ध कराई जा रही है।कार्यक्रम में द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स के अध्यक्ष श्री अखिलेश वर्मा ने अनुश्रुति स्कूल के छात्र-छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने राज्य के सरकारी एवं निजी पॉलिटेक्निक तथा इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया, विभिन्न पाठ्यक्रमों, श्रेणीवार आरक्षित सीटों एवं काउंसलिंग संबंधी जानकारी देकर छात्रों का मार्गदर्शन किया।अनुश्रुति स्कूल की प्राचार्य श्रीमती विभूति सैनी ने विद्यालय में बेहतर एवं तीव्र इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराने हेतु मंडलीय अभियंता डॉ. त्यागी से अनुरोध किया। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती गायत्री देवी ने किया। अनुश्रुति स्कूल के छात्रों ने मोबाइल प्रौद्योगिकी के वरदान और अभिशाप पर एक नाटक भी प्रस्तुत किया कार्यक्रम के अंत में केंद्र के मानद सचिव डॉ. सोजू ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर आईआईटी रुड़की के सेवानिवृत्त प्रोफेसर एस. एस. जैन, श्री वीरेंद्र आर्य, एनआईएच के श्री दिगंबर सिंह तथा अनुश्रुति स्कूल के सभी शिक्षकगण उपस्थित रहे।


