18 जून 2023 के दिन अटलांटिक महासागर में टाइटैनिक जहाज (Titanic) के मलबे को ढूंढने गई ‘द टाइटन’ पनडुब्बी (Titan submersible photos) गायब हो गई थी. ताजा डेवलपमेंट में अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने द टाइटन की तस्वीरें साझा की हैं.समुद्र की तलहटी में मौजूद इस पनडुब्बी की तस्वीरें 16 सितंबर को जारी की गईं. मामले को लेकर इन्वेस्टिगेशन टीम ने सुनवाई शुरू कर दी है. अमेरिकी कोस्ट गार्ड की तरफ से जारी की गईं टाइटन की तस्वीरों में देखा जा सकता है कि वेसल की टेल टूटी हुई है. टाइटन की टेल कोन वेसल के बाकी हिस्सों से अलग हो गई थी. इसके किनारे उखड़ गए थे. वेसल का टुकड़ा तस्वीरों में पास में ही दिखाई दे रहा है. CNN में छपी रिपोर्ट के मुताबिक लगातार कई दिनों की पड़ताल के बाद टाइटन का मलबा टाइटैनिक जहाज से कुछ दूरी पर पाया गया है. रिपोर्ट में बताया गया कि मामले की जांच 27 सितंबर तक चलेगी रिपोर्ट के मुताबिक, मरीन बोर्ड ऑफ इन्वेस्टिगेशन ने मामले की सुनवाई के दौरान अपनी प्रेजेंटेशन में बताया कि टाइटन की टेल कोन और बाकी मलबा पिछले साल 22 जून को लोकेट कर लिया गया था. जांच में पाया गया कि पनडुब्बी विस्फोट होने के कारण छतिग्रस्त हो गई थी. घटना में वेसल के फाउंडर और CEO स्टॉकटन रश, बिजनेसमैन शहजादा दाऊद और उनके 19 वर्षीय पुत्र सुलेमान दाऊद, एडवेंचरर हामिश हार्डिंग और फ्रांसीसी गोताखोर पॉल-हेनरी नार्गोलेट की जान चली गई थी. टाइटन की टेल कोन और बाकी मलबा पिछेल साल 22 जून को लोकेट कर लिया गया था. जांचकर्ताओं ने जानकारी दी कि वेसल के मलबे की DNA टेस्टिंग की गई थी. बोर्ड ने OceanGate के पूर्व कर्मचारियों सहित मामले में पहले गवाह को बुलाया था. प्रजेंटेशन में ये भी बताया गया कि वेसल से आखिरी मैसेज क्या भेजा गया था. टाइटन ने अपने मदर शिप को “Dropped two wts” मैसेज भेजा था. कुछ सेकंड बाद, टाइटन को आखिरी बार “पिंग” किया गया, और मदर शिप ने जहाज का ट्रैक खो दिया.टाइटन क्या है? अंग्रेजी अख़बार द गार्डियन की खबर के मुताबिक, द टाइटन एक रिसर्च और सर्वे सबमर्सिबल है. इसका इस्तेमाल समुद्र के अंदर जांच-पड़ताल और खोजबीन के मिशन्स लिए होता है. मिशन के दौरान इसमें पायलट के अलावा 4 लोग रह सकते हैं. ये लोग सामान्य तौर पर आर्कियोलॉजिस्ट या समुद्र जीवविज्ञानी होते हैं. द टाइटन, टाइटेनियम और कार्बन फाइबर से बना था. इसकी लंबाई 6.7 मीटर है. और इसका वजन 10 हजार 400 किलोग्राम से ज्यादा होता है. मोटा-माटी इसमें 5 से 6 औसत आकार की गाड़ियों जितनी जगह होती है. इसमें 4 इलेक्ट्रिक थ्रस्टर डिवाइस होती हैं. जिनकी मदद से ये पानी के अंदर ट्रैवल करता है. इसके अलावा पानी में निगरानी के लिए इसमें कैमरे, लाइट्स और स्कैनर्स होते हैं. द टाइटन को बनाने वाली कंपनी ओशियन गेट (OceanGate) के मुताबिक, ये पनडुब्बी 4,000 मीटर यानी 13 हजार 120 फीट की गहराई तक जा सकती है. ओशियन गेट के मुताबिक, टाइटन का व्यूपोर्ट सभी सबमरीन के मुकाबले बड़ा है. और इस तकनीक के चलते ये समुद्र के अंदर बड़े इलाके पर नजर रख सकती है. इसमें कम्युनिकेशन के लिए एलन मस्क की स्टारलिंक सैटलाइट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है. Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on LinkedIn (Opens in new window) LinkedIn Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Share on X (Opens in new window) X Related Post navigation *कनखल लूट प्रयास के 25000/ के ईनामी को पुलिस ने धर दबोचा* *तमंचे के बल पर लूट करने के लिये आये थे बदमाश, कोशिश रही नाकाम* *गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार बदल रहा था ठिकाने* Next Post