
भारतीय सुदूर संवेदन संस् थान, देहरादून (इसरो) के एम. टैक के छात्रों ने राष् ट्रीय जलविज्ञान
संस् थान रूड़की में आज शैक्षिक भ्रमण किया। वरिष्ठ वैज्ञानक एवं तकनीकी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष

डॉ. संजय कुमार ने संस्थान द्वारा राष्ट्रीय एवं अन्र्तराष्ट्रीय स्तर पर किये जा रहे कार्यों के बारे में
विस्तृत जानकारी प्रदान की। संस्थान के कार्यकारी निदेशक डॉ. अनिल कुमार लोहनी ने सभी

प्रतिभागियों का स्वागत किया तथा सभी का परिचय जाना उन्हांने कहा कि हमारा संस्थान जल के
क्षेत्र में अन्य संगठनों के साथ भी मिलकर कार्य कर रहा है, इसरो जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के छात्रों
का संस्थान का दौरा सौभाग्य की बात है उन्होंने कहा कि यहाँ से प्राप्त जानकारी का सदुपयोग वह
अपने शोध कार्यों में करेंगे। डॉ. संतोष मुरलीधर पिंगलें ने संस्थान द्वारा गत 30 वर्षों में किये गये
कार्यो को लघु फिल्म के माध्यम से प्रस्तुत किया। सभी छात्रों को आइसोटोप प्रयोग शाला,
न्यूकिलयर हाइड्रोलॉजी प्रयोगशाला का भ्रमण वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. गोपाल कृष्ण द्वारा कराया गया
तथा उन्होंने इन प्रयोगशालाओं में किये जा रहे कार्यों एवं अध्ययन क्षेत्र में इस प्रयोगशाला के
उपकरणों का प्रयोग किस तरह किया जाता है के बारे में जानकारी प्रदान की । डॉ. विशाल सिंह ने
रिमोट सैन्सिंग प्रयोगशाला एवं क्राइसोफेयर प्रयोगशाला में किये जा रहे कार्यों की जानकारी प्रदान
की । डॉ. कालजंग छोडेन ने जलगुणवत्ता के क्षेत्र में राजसं द्वारा किये जा रहे कार्यों के बारे में बताया
। राजेश अग्रवाल ने तकनीकी प्रकोष्ठ द्वारा किये जा रहे कार्यों पर प्रकाश डाला। ओमप्रकाश ने
हाइड्रोमेट कार्यशाला में उपकरणों के प्रयोग की जानकारी प्रदान की । चारू पाण्डेय एवं प्रदीप कुमार
ने संस्थान के पुस्तकालय का भ्रमण कराया एवं अन्तराष्ट्रीय जर्नल इत्यादि के बारे में जानकारी
प्रदान की । पवन कुमार निजी सचिव ने कार्यक्रम का संचालन किया तथा संस्थान की तकनीकी
पत्रिका जल चेतना के बारे में जानकारी प्रदान की । इस अवसर पर सी. एम. भट्ट वरिष्ठ वैज्ञानिक इसरो,
संतोष मुरलीधर पिंगले राजेश अग्रवाल वरूण गोयल, अरूण, प्रिया, वरिष् ठ प्रशासनिक अधिकारी
सलीम अहमद, दीपक,
बंटी आदि मौजूद रहे।






