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Uttarakhand Nikay Chunav: उत्तराखंड में कब तक होंगे निकाय चुनाव? इस तारीख हो होगी घोषणा!

देहरादून। उत्तराखंड में नगर निकाय चुनाव अगले वर्ष 15 जनवरी को हो सकते हैं। शासन स्तर पर निकाय चुनाव के लिए जिस तरह की तैयारियां चल रही हैं, उससे यही संकेत मिल रहे हैं।सूत्रों के अनुसार निकायों में पदों व वार्ड आरक्षण की अंतिम अधिसूचना जारी होने के बाद 26 दिसंबर को निकाय चुनाव का कार्यक्रम घोषित होने की संभावना है। चुनाव कार्यक्रम लगभग तीन सप्ताह का रह सकता है।

राज्य में 28 जनवरी से 14 फरवरी तक राष्ट्रीय खेलों का आयोजन होना है। पहली बार उत्तराखंड को इन खेलों की मेजबानी मिली है तो जाहिर है कि सरकार इसमें व्यस्त रहेगी। ऐसे में राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से पहले नगर निकाय चुनाव कराने पर जोर दिया जा रहा है। अब इसी हिसाब से कसरत भी तेज हो गई है।

नगर निकायों में पदों और वार्डों का आरक्षण तय होने के बाद इस पर आपत्तियां व दावे प्राप्त करने के लिए सप्ताहभर का समय दिया गया है। 22 दिसंबर को आपत्तियों व दावों का निस्तारण होना है। फिर पदों व वार्डों के आरक्षण की अंतिम अधिसूचना जारी करने के साथ ही 23 अथवा 24 दिसंबर को राज्य निर्वाचन आयोग को इसकी विधिवत सूचना भेजी जाएगी।

माना जा रहा है कि इसके बाद 26 दिसंबर को आयोग चुनाव का कार्यक्रम घोषित कर सकता है। निकाय चुनाव का कार्यक्रम तीन सप्ताह का हो सकता है। इस हिसाब से 15 जनवरी को निकाय चुनाव के लिए मतदान और 20 जनवरी को मतगणना हो सकती है।पंचायत चुनाव की भी होनी है तैयारी

निकाय चुनाव और राष्ट्रीय खेलों से निबटने के बाद राज्य में त्रिस्तरीय पंचायतों के चुनाव की तैयारी भी होनी है। त्रिस्तरीय पंचायतों में ग्राम पंचायतों व क्षेत्र पंचायतों का कार्यकाल नवंबर आखिर और जिला पंचायतों का कार्य दो दिसंबर को खत्म हो चुका है। इनमें भी चुनाव की स्थिति न बन पाने के कारण इन्हें निवर्तमान पंचायत प्रमुखों को ही प्रशासक बनाया गया है। प्रशासक के रूप में छह माह का कार्यकाल मई में खत्म होना है। इसी अवधि के भीतर पंचायत चुनाव कराए जाने हैं।

किच्छा व नरेंद्रनगर में यह फंसा है पेच

राज्य में जिन दो नगर निकायों में चुनाव की स्थिति नहीं बन पा रही है, उनमें नगर पालिका परिषद किच्छा व नरेंद्रनगर शामिल हैं। किच्छा से सिरोलीकला क्षेत्र को बाहर करने का प्रकरण अदालत में विचाराधीन है, जबकि नरेंद्रनगर में वार्ड परिसीमन नहीं हो पाया है। दोनों निकायों में इन विषयों का निराकरण होने के बाद ही वहां चुनाव कराए जाएंगे। इसके अलावा गैर निर्वाचित निकाय की श्रेणी में शामिल नगर पंचायत बदरीनाथ, केदारनाथ व गंगोत्री में सरकार बाद में मनोनयन करेगी।

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