
रुड़की। रामनगर आर्य समाज के प्रांगण में दो दिवसीय महर्षि वाल्मीकि रचित श्री राम कथा वेद अनुसार श्रद्धेय आचार्य पवन वीर द्वारा संपन्न हुई।

दो दिन तक चली राम कथा का आनंद भक्त जनों ने उठाया। राम कथा के दौरान आचार्य पवन वीर ने राम जन्म ,सीता राम विवाह, सीता खोज एवं राम विवाह का बड़े मार्मिक ढंग से भक्तजनों के समक्ष प्रस्तुतीकरण किया। विद्वान पवन वीरने अपने संबोधन में बताया कि किस तरीके से भगवान राम ने राक्षसों के समक्ष ऋषि विश्वामित्र एवं अगस्त मुनि के निर्देशन मे युद्ध लड़कर परास्त किया। इसी रणनीति का भारत को आतंकवादियों के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए। राम कथा समापन के पूर्व पुरोहित श्रद्धेय पवन वीर के द्वारा यज्ञ संपन्न हुआ जिसमें यजमान की भूमिका सुमित परिवार ने निभाई। इस अवसर पर विद्वान निरंजन एवं आचार्य योगेंद्र मेधावी ने उपस्थित होकर यजमान को आशीर्वाद दिया।

उपस्थित भक्त जनों ने ऋषि लंगर का आनंद लिया। धार्मिक आयोजन के अंत में आर्य समाज प्रधान रामनगर, रामेश्वर प्रसाद सैनी, मंत्री, संदीप एडवोकेट एवं कोषाध्यक्ष नीरज सैनी समेत उपस्थित भक्त जनों एवं सहयोगियों का आभार प्रकट किया।






























