
रुड़की। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एआरटीओ कार्यालय के बाहर धरना प्रर्दशन करने जा रहे भाकियू तोमर कार्यकर्ताओं को पुलिस ने एसडीएम चौक पर रोक लिया। इसके बाद भाकियू तोमर ने तहसील परिसर में ही अनिश्चितकालिन धरना शुरू कर दिया। जो कुछ घंटे बाद उच्च अधिकारियों के आश्वासन पर समाप्त कर दिया गया ।
भाकियू तोमर के कार्यकर्ता एआरटीओ कार्यालय के कर्मचारियों की सम्पति की जांच, निलंबन, किसानों पर चल रहें मुकदमों को वापस लेने आदि की मांग को लेकर अब्दूल कलाम चौक पर इकट्ठा हुए। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार किसान ट्रैक्टर लेकर जुलूस निकालते हुए एआरटीओ कार्यालय की तरफ बढ़ें। जहां रास्तें में एसडीएम चौक पर पहले से तैनात पुलिसबल ने किसानों को रोक दिया। कड़े विरोध व नोकझोक के बाद किसान तहसील परिसर में धरने पर बैठकर गए और मांगें पुरी न होने तक धरना जारी रखने की चेतावनी दी। मौके पर पहुंचे जेएम ने किसानों से वार्ता की लेकिन यूनियन के पदााधिकारी अपनी बात पर अड़े रहें। बाद में अधिकारियों ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। जिसके बाद किसानों ने धरना समाप्त किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव तोमर ने बताया कि एआरटीओ कार्यालय पर धरना प्रर्दशन के दौरान विभाग ने किसानों पर झूठे मुकदमें दर्ज कराए है। एआरटीओ कर्मचारियों की सम्पत्ति की जांच कराने, उनके निलंबन और किसानों पर चल रहे झूठे मुकदमें वापस लेने की मांग को लेकर धरने का आयोजन किया गया। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के आश्वासन पर धरना समाप्त किया गया है। उन्होंने कहा कि मांगें पुरी नहीं हुई तो एआरटीओ कार्यालय के बारह झोपड़ी डालकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने के साथ ही सरकार को घेरने का काम करेंगें। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष सचिन गुर्जर, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष परविंदर चौधरी, गढ़वाल मंडल प्रभारी विकास वालिया, पवन त्यागी, इमरान, राशिब, अल्लादिया, अचिन सैनी, अंजुम पठान, मोनू मुंशी, समीर सिद्दीकी, बिलाल, आरिफ, इरशाद, यूनुस, सुमित उपाध्याय आदि मौजूद रहे।







