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*ढंडेरा रेलवे क्रॉसिंग पर ओवर ब्रिज बनाने का रास्ता हुआ साफ (रवि राणा की मेहनत लाई रंग)*

ढंडेरा रेलवे क्रॉसिंग पर ओवर ब्रिज बनाने का रास्ता हुआ साफ (रवि राणा की मेहनत लाई रंग)

रुड़की। लंम्बी जद्दोजहद के बाद ढंडेरा रेलवे क्रासिंग पर ओवर ब्रिज निर्माण का रास्ता साफ होगया है। आप को बता दे कि काफी लंबे समय से रुड़की लक्सर मार्ग पर क्रासिंग संख्या 512 जो ढंडेरा में पड़ती है जिसका मार्ग रुड़की छावनी परिषद की ज़मीन से होकर गुजरता है। रुड़की छावनी परिषद की ज़मीन के बड़े हिस्से पर बनने वाले रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण का रास्ता साफ होगया है। काफी समय से लोनिवि की तरफ से चलए जा रहे प्रस्ताव को रक्षा संपदा निदेशालय ने अनुमति दे दी है। अनुमति दो अलग अलग श्रेणीयो में दी गई है । रक्षा संपदा अधिकारी देहरादून विवेक सिंह ने इस कि पृष्टि की है। आपको बता दे की रवि राणा भाजपा लंढौरा मण्डल अध्यक्ष काफी समय से तत्कालीन संसद डॉ रमेश पोखरियाल निशंक से ढंडेरा रेलवे ओवर ब्रिज बनाने की मांग कर रहे थे जीन के प्रयासों से उक्त ब्रिज बनने का सपना पूरा हो रहा है। इस रोड पर जाम की समस्या को जूझ रहे लोगो को आरओबी बनने के बाद बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। रुड़की से ढंडेरा होते हुवे बालावाली से बिजनोर को जोड़ने वाला एक मात्र यही रोड है, ढंढेरा रेलवे क्रॉसिंग संख्या 512 में लोगो की रुड़की व बिजनोर की ओर आवाजाही होती है , दिन भर ट्रेन ओर माल गाड़ियों के गुजरने के दौरान रेलवे क्रॉसिंग के बार बार बन्द होने की वजह से अक्सर यहां जाम लगा रहाता है। जब भी एक साथ आगे पीछे कई रेल गाड़ियां निकलती हैं तो जाम की स्थिति भीषण हो जाती है क्रॉसिंग खुलने के बाद भी जाम आसानी से नहीं खुल पता है। इसी समस्या को लेकर भाजपा मण्डल अध्यक्ष रवि राणा ने डॉ रमेश पोखरियाल सांसद हरिद्वार से लगातार रेलवे ओवर ब्रिज के बनने की मांग कर रहे थे। लोक निर्माण विभाग ने रुड़की में क्रॉसिंग संख्या 512 पर रेलवे ओवरब्रिज बनाने का प्रोजेक्ट तैयार किया है प्रोजेक्ट की जड़ में रुड़की छावनी परिषद की जमीन का काफी हिस्सा आ रहा था इसके लिए क्लीयरेंस के लिए लॉक निर्माण विभाग पिछले करीब 4 महीने से रक्षा संपदा निदेशालय से पत्राचार कर रहा है, निदेशालय ने रक्षा संपदा कार्यालय देहरादून से भी दस्तावेज मांगे और आर ओ बी के लिए 18 वर्ग मीटर जमीन का क्लीयरेंस दिया गया है क्लीयरेंस दो श्रेणीयो में दिया गया है, इनमें एक श्रेणी में 8979 वर्ग मीटर जमीन दी जाएगी इसमें दस दस साल के अधिकतम तीन बार लीज़ लाइसेंस बनेंगे शेष जमीन समान मूल्यों के बुनियादी ढांचा निर्माण के आधार पर दी जाएगी यानी लोक निर्माण विभाग को इस जमीन के एवज में छावनी परिषद को 7.24 करोड़ का इनफ्रांसस्ट्रक्चर बना कर देना होगा।


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