कम पढ़े लिखे लोग बना रहे थे नकली दवा

देवबंद। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो दिल्ली की टीम ने दो दिन पहले देवबंद के मंझौल जबरदस्तपुर और उत्तराखंड के भगवानपुर व रायपुर में नकली दवाएं बनाने वाली तीन फैक्टरियों पर छापा मारा था। तीनों जगह से तीन करोड़ रुपये की दवा और आठ करोड़ की मशीनें जब्त की गई थीं। इसमें पांच लोगों को गिरफ्तार किया था, जो सहारनपुर के अलावा भगवानपुर के रहने वाले हैं। अब तक की जांच में सामने आया कि फैक्टरी में काम करने वाले व्यक्ति ज्यादा पढ़े लिखे नहीं हैं। कोई आठवीं पास है तो किसी ने दसवीं कर रखी है। केवल मोहम्मद आसिफ ने डी-फार्मा कर रखा है, जिसे हर दवा की जानकारी है। आसिफ ही इस गिरोह का मुख्य सरगना है। इसकी निगरानी में ही कच्चे माल से ट्रामाडोल कैप्सूल तैयार किए जाते थे। जांच में यह भी सामने आया कि उत्तराखंड के कुछ जिलों से कच्चे माल को लाया जाता था।

मुस्तफा अली पुत्र भूरा अली निवासी मंझौल जबरदस्तपुर देवबंद
– सलमान पुत्र मोहम्मद इनाम निवासी माधोपुर रुड़की जिला हरिद्वार
– मोहम्मद आसिफ पुत्र मोहम्मद असलम निवासी गागलहेड़ी
– अहसान अली पुत्र नसीम अहमद निवासी बल्ली सहारनपुर
– हसीन अली पुत्र यूसुफ अली निवासी भगवानपुर






