Delhi NCR Weather: देश की राजधानी एक बार फिर दरिया बन सकती है. दिल्ली में रात से रुक-रुक कर बारिश हो रही है. नोएडा समेत एनसीआर के कई शहरों में भी सुबह तड़के तेज बारिश हुई. ऐसे में मौसम के पूर्वानुमान के मुताबिक आज सामान्य से ज्यादा बारिश होने का खतरा एक बार फिर से बढ़ गया है.यानी आपकी अपनी दिल्ली एक बार फिर पानी पानी होने जा रही है. मौसम विभाग ने 3 दिन का अलर्ट जारी क्या है, काउंटडाउन शुरू हो चुका है. मौसम विभाग के मुताबिक मॉनसून ट्रफ दिल्ली के नजदीक आ गया है. जिसके चलते 12 से 13 सितंबर को भी बादलों की आवाजाही लगी रहेगी. इसके साथ ही दिल्ली एनसीआर में बारिश का येलो अलर्ट है. इसके बाद 14 सितंबर से बारिश की गतिविधियां कम हो जाएंगी. भारी बारिश की चेतावनी दिल्ली (Delhi NCR weather update) में 15 से 17 सितंबर के बीच बारिश में और कमी आएगी. दिन में उमस बढ़ सकती है. वहीं आने वाले दिनों में मध्यप्रदेश के उत्तरी और उत्तर प्रदेश (UP) के पश्चिमी, और हरियाणा के पूर्वी हिस्से में भारी बारिश होने का पूर्वानुमान लगाया गया है. आज से अगले दो दिनों तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश (up rain alert) से लेकर आगे उत्तराखंड तक में भारी बारिश (Uttarakhand heavy rain) होने का अनुमान लगाया गया है.up rain alert: यूपी में भारी बारिश का अलर्ट यूपी के मौसम (up weather forecast) की बात करें तो IMD के मुताबिक 12 सितंबर को 50 जिलों में भारी बारिश (heavy rainfall) का पूर्वानुमान है. बरेली, बिजनौर, रामपुर समेत कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट है. पूर्वांचल और पश्चिम यूपी में ‘रेड’ और ‘ऑरेंज’ अलर्ट है. बिजनौर, मुरादाबाद, फर्रुखाबाद, रामपुर, बरेली, शाहजहांपुर और आसपास भारी बारिश का रेड अलर्ट है. कानपुर, बांदा, बस्ती, कुशीनगर, गोंडा, संतकबीर नगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर और श्रावस्ती में भारी बारिश होने का अनुमान लगाया गया है. Uttarakhand rain alert: उत्तराखंड में रेड अलर्ट वाली चेतावनी उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट है. भूस्खलन और अन्य आपदा जैसी स्थितियां पैदा होने की संभावना है. IMD के मुताबिक गुरुवार-शुक्रवार को 6 जिलों में भारी से भी भारी बारिश होने का अनुमान लगाया गया है. दो दिन तक भारी से अत्यंत भारी बारिश के पूर्वानुमान पर सरकार और प्रशासन भी अलर्ट है. MissionMausam News: मिशन मौसम न्यूज़ इस बीच केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को ‘मिशन मौसम’ को मंजूरी दे दी. इस मिशन का उद्देश्य मौसम की चरम घटनाओं और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का अनुमान लगाने और उनसे निपटने की देश की क्षमता को बढ़ाना है. दो सालों के लिए 2000 करोड़ रुपये के बजट वाले इस मिशन को मुख्य रूप से पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत तीन प्रमुख संस्थानों भारतीय मौसम विभाग (IMD), भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान और राष्ट्रीय मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान केंद्र द्वारा चलाया जायेगा. इस मिशन में देश के मौसम और जलवायु संबंधी विज्ञान, अनुसंधान एवं सेवाओं को जबरदस्त प्रोत्साहन देने के लिए परिकल्पना है. इसमें मानसून, वायु गुणवत्ता, मौसम की चरम घटनाओं, चक्रवातों और कोहरे, ओलावृष्टि और बारिश के प्रबंधन के लिए मौसम संबंधी उपाय, क्षमता निर्माण और जागरूकता पैदा करना जानकारी शामिल है. इस मिशन से कृषि, आपदा प्रबंधन, रक्षा, विमानन, ऊर्जा, जल संसाधन और पर्यटन समेत कई क्षेत्रों को लाभ होगा. वहीं शहरी नियोजन, परिवहन और पर्यावरण निगरानी में फैसले लेने की क्षमता में सुधार आएगा. इस पहल से भारत के मौसम और जलवायु संबंधी विज्ञान, अनुसंधान और सेवाओं को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा. जिससे मौसम का और सटीक अनुमान लगाया जा सकेगा. Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on LinkedIn (Opens in new window) LinkedIn Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Share on X (Opens in new window) X Related Post navigation मस्जिद में अवैध निर्माण या डेमोग्राफी में बदलाव का डर… शिमला की सड़कों पर 5 घंटे तक क्यों मचा बवाल? ये लो…मोदी सरकार ने एक झटके में खत्म कर दी देशवासियों की बड़ी टेंशन, अब आराम से कटेगा जीवन