गंगनहर पटरी पर स्वर्णकार समाज द्वारा निर्मित अजमीढ़ भगवान के घाट पर सिंचाई विभाग द्वारा बुलडोज़र चलाए जाने की घटना ने क्षेत्र में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। इस कार्रवाई को लेकर समाज के लोगों ने गहरी नाराज़गी व्यक्त की है और इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह घाट केवल एक निर्माण नहीं था, बल्कि समाज की आस्था, श्रद्धा और वर्षों की मेहनत का प्रतीक था। यहां पर नियमित रूप से धार्मिक गतिविधियां और पूजा-अर्चना होती रही हैं, जिससे यह स्थान लोगों के लिए विशेष महत्व रखता था।स्वर्णकार समाज के सदस्यों का कहना है कि प्रशासन को इस तरह की कार्रवाई से पहले समाज के प्रतिनिधियों से संवाद स्थापित करना चाहिए था। बिना किसी पूर्व सूचना या बातचीत के इस प्रकार बुलडोज़र चलाना जनभावनाओं की अनदेखी दर्शाता है, जो किसी भी स्थिति में उचित नहीं है।

घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। समाज के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की जांच की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
फिलहाल, प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन बढ़ते विरोध को देखते हुए जल्द ही स्थिति को संभालने के प्रयास किए जाने की संभावना है।








